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योजना भवन कैश कांड: सांसद हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल सरकार से माँगा जवाब, जाँच पर उठाए तीखे सवाल

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योजना भवन कैश कांड: सांसद हनुमान बेनीवाल ने भजनलाल सरकार से माँगा जवाब, जाँच पर उठाए तीखे सवाल

सारांश

योजना भवन बेसमेंट से ₹2.31 करोड़ नकद और एक किलो सोने की बरामदगी का मामला फिर गरमाया। सांसद हनुमान बेनीवाल ने पूछा — जो भाजपा विपक्ष में इस कांड पर मुखर थी, वह सत्ता में आकर चुप क्यों हो गई? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जाँच का हाल सार्वजनिक करने की माँग।

मुख्य बातें

सांसद हनुमान बेनीवाल ने 26 जून 2026 को राजस्थान की भजनलाल सरकार से योजना भवन कैश कांड की जाँच का हाल सार्वजनिक करने की माँग की।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जयपुर के योजना भवन के बेसमेंट से ₹2.31 करोड़ नकद और लगभग एक किलो सोना बरामद हुआ था।
बेनीवाल का आरोप है कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए इस मामले पर जो मुखरता दिखाई थी, सत्ता में आने के बाद वह गायब हो गई।
आरएलपी नेता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बरामद नकदी व सोने के मालिक की पहचान और जाँच के नतीजे सार्वजनिक करने की अपील की।
भजनलाल सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार को योजना भवन कैश कांड पर घेरा और जाँच की स्थिति सार्वजनिक करने की माँग की। यह वही मामला है जिसमें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जयपुर स्थित राज्य सचिवालय के निकट योजना भवन के बेसमेंट से ₹2.31 करोड़ नकद और लगभग एक किलो सोना बरामद हुआ था।

मुख्य घटनाक्रम

बेनीवाल ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष में रहते हुए इस घटना की कड़ी आलोचना की थी और इसे भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया था। उनका आरोप है कि राजस्थान में सत्ता में आने के बाद भाजपा इसी मामले पर चुप हो गई है।

आरएलपी नेता ने सवाल किया कि जो मुद्दा पूर्व कांग्रेस सरकार की आलोचना के लिए भाजपा के लिए 'अहम' था, उस पर सरकार बदलने के बाद कोई सार्वजनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

जाँच पर उठाए सवाल

बेनीवाल ने पूछा कि क्या जाँच किसी ठोस नतीजे पर पहुँची है और बरामद नकदी व सोने के वास्तविक स्वामी की पहचान अब तक क्यों सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जाँच में शामिल लोगों की पहचान के बारे में सरकार के पास क्या जानकारी है।

उन्होंने आरोप लगाया — हालाँकि बिना प्रमाण के — कि यह चुप्पी कुछ खास लोगों को बचाने के लिए हो सकती है। गौरतलब है कि यह कांड पहली बार पिछली सरकार के दौरान राजनीतिक विवाद का विषय बना था, जब विपक्षी दलों ने गहन जाँच की माँग उठाई थी।

मुख्यमंत्री से अपील

बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे अपील की कि वे जाँच की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करें और मामले से जुड़े तथ्य जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता को सच जानने का पूरा अधिकार है और सरकार को पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भाजपा सरकार को विभिन्न मोर्चों पर विपक्षी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बेनीवाल की आरएलपी, जो न तो भाजपा और न ही कांग्रेस की सहयोगी है, राज्य में तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने उन्हीं मुद्दों पर चुप्पी साध ली है जिन्हें वह विपक्ष में रहते हुए प्रमुखता से उठाती थी।

आगे क्या

फिलहाल भजनलाल सरकार की ओर से बेनीवाल के सवालों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि सरकार जाँच की स्थिति सार्वजनिक करती है या इस मामले पर चुप्पी बनाए रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्ता में आते ही वे अक्सर ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। भाजपा ने इस कांड को कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद जाँच के नतीजों पर चुप्पी सवाल खड़े करती है। बेनीवाल के सवाल तकनीकी रूप से वैध हैं — ₹2.31 करोड़ नकद और एक किलो सोने के असली मालिक की पहचान अब तक सार्वजनिक न होना जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। राजस्थान की जनता को यह जानने का हक है कि जाँच किस दिशा में गई।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योजना भवन कैश कांड क्या है?
यह वह मामला है जिसमें जयपुर स्थित राज्य सचिवालय के निकट योजना भवन के बेसमेंट से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ₹2.31 करोड़ नकद और लगभग एक किलो सोना बरामद हुआ था। इस बरामदगी ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया था और विपक्षी दलों ने गहन जाँच की माँग की थी।
हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार से क्या माँगा है?
बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जाँच की मौजूदा स्थिति सार्वजनिक करने, बरामद नकदी व सोने के मालिक की पहचान बताने और मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग की है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या जाँच किसी नतीजे पर पहुँची है।
बेनीवाल ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
बेनीवाल का आरोप है कि भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए इस कांड को भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बताया था, लेकिन राजस्थान में सरकार बनाने के बाद इस मामले पर कोई सार्वजनिक कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि यह चुप्पी कुछ खास लोगों को बचाने के लिए तो नहीं है।
हनुमान बेनीवाल कौन हैं और उनकी पार्टी का क्या रुख है?
हनुमान बेनीवाल नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के अध्यक्ष हैं। आरएलपी राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस दोनों से स्वतंत्र तीसरी राजनीतिक शक्ति के रूप में काम करती है और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाती रहती है।
भजनलाल सरकार ने इस मामले पर क्या कहा है?
बेनीवाल के सवालों पर अभी तक भजनलाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि सरकार जाँच की स्थिति सार्वजनिक करती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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