नकली बीज व रिश्वतकांड: बेनीवाल ने भजनलाल सरकार के 5 मंत्रियों की जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद हनुमान बेनीवाल ने 10 जून 2026 को जयपुर में प्रेसवार्ता कर राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार पर नकली बीज वितरण और कथित रिश्वतकांड को लेकर गंभीर आरोप लगाए और उच्च स्तरीय जांच की माँग की। बेनीवाल ने कहा कि ये मामले राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार का केवल 'छोटा हिस्सा' हैं और जाँच किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क को खंगालनी चाहिए।
मुख्य आरोप और माँगें
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राज्य में कई स्तरों पर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं और जाँच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कृषि मंत्रालय से जुड़े एक मामले का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार पाए जाने पर कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे संबंधित व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने सिद्धांत से कोई समझौता नहीं करेंगे — यहाँ तक कि परिवार के किसी सदस्य के गलत कार्य पर भी वे चुप नहीं रहेंगे।
किन मंत्रियों पर उठाए सवाल
आरएलपी सांसद ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से माँग की कि केवल एक व्यक्ति को निशाना बनाने के बजाय समग्र जाँच कराई जाए। उन्होंने मंत्रियों किरोड़ी लाल मीणा, कन्हैया लाल चौधरी, प्रेमचंद बैरवा, हीरालाल नागर और केके बिश्नोई के कार्यकाल और गतिविधियों की जाँच की माँग की।
मानेसर मामला और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
प्रेसवार्ता में बेनीवाल ने मानेसर मामले का भी उल्लेख किया और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी की। उनका कहना था कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार को विपक्ष और सहयोगी दलों दोनों की ओर से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि आरएलपी राज्य में एक सहयोगी दल की भूमिका में रही है, ऐसे में यह सार्वजनिक आरोप गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव का संकेत देते हैं।
रैली स्थगित, आंदोलन की चेतावनी
बेनीवाल ने घोषणा की कि 21 जून को भरतपुर में प्रस्तावित आरएलपी की रैली को नीट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थगित कर दिया गया है। पार्टी जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस कदम नहीं उठाए तो आरएलपी बड़ा आंदोलन शुरू करेगी और पार्टी 'सड़क से लेकर सदन तक' संघर्ष करेगी।