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भजनलाल पर बेनीवाल की आपत्तिजनक भाषा के बाद BJP का पलटवार, RLP-BJP टकराव तेज

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भजनलाल पर बेनीवाल की आपत्तिजनक भाषा के बाद BJP का पलटवार, RLP-BJP टकराव तेज

सारांश

भैराणा महापंचायत में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा CM भजनलाल शर्मा के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा ने राजस्थान की राजनीति में BJP और RLP के बीच टकराव को नई धार दे दी है। रीको औद्योगिक परियोजना का विरोध अब सीधे सत्ता-संघर्ष में तब्दील होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भैराणा गांव की महापंचायत में CM भजनलाल शर्मा के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भाषा को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया।
BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' करार दिया।
BJP मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि बयान राजनीतिक अवसरवाद और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान दर्शाते हैं।
बेनीवाल ने बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक परियोजना को अन्यत्र स्थानांतरित करने और दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देने की माँग की।

राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ भैराणा गांव की एक महापंचायत में इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और RLP के बीच सियासी टकराव तीखा हो गया है। 28 मई 2026 को सामने आए इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

विवाद की जड़: भैराणा महापंचायत

पूरा मामला 'रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ' आंदोलन के तहत आयोजित एक महापंचायत से शुरू हुआ। यह आंदोलन बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में चल रहा है। इस महापंचायत में पहुँचे बेनीवाल ने राजस्थान सरकार पर जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

बेनीवाल ने BJP पर संतों और धार्मिक संस्थाओं के हितों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को सनातन मूल्यों के प्रति समर्पित बताती है, लेकिन ज़मीनी हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने माँग की कि प्रस्तावित रीको परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाए।

BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि बेनीवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ अस्वीकार्य भाषा का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया है, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। एक सांसद होने के नाते व्यक्ति से गरिमा और संयम बनाए रखने की उम्मीद की जाती है।' बेढ़म ने यह भी कहा कि राजस्थान के लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे बयान नशे की हालत में दिए जा रहे हैं।

BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बेनीवाल की टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और आलोचना स्वाभाविक हैं, किंतु राजनीतिक बयानबाज़ी मर्यादा और शालीनता की सीमा में रहनी चाहिए। राठौड़ ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे बयानों को टीआरपी के लिए ज़रूरत से ज़्यादा प्रचार न दिया जाए।

मुख्य प्रवक्ता का हमला

BJP के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि बेनीवाल के बयान राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाते हैं और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी टिप्पणियाँ आपके संस्कारों को दिखाती हैं। राजस्थान की जनता अच्छी तरह जानती है कि आप किस हालत में इस तरह की बातें करते हैं।'

आगे क्या

इस घटनाक्रम के बाद RLP और BJP के बीच दूरियाँ और बढ़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर विपक्षी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। रीको परियोजना विवाद अब महज़ एक स्थानीय मुद्दे से बढ़कर राज्य की राजनीति में गठबंधन समीकरणों की परीक्षा बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस तरह के बयान उस दूरी को और चौड़ा करते हैं। BJP नेताओं की प्रतिक्रिया में भाषा की आलोचना तो है, लेकिन रीको परियोजना के वास्तविक स्थानीय असर पर कोई ठोस जवाब नहीं दिखता — जो असली सवाल है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान बेनीवाल और BJP के बीच ताज़ा विवाद किस बात पर है?
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भैराणा गांव की महापंचायत में CM भजनलाल शर्मा और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद BJP नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यह विवाद बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक परियोजना के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान सामने आया।
'रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ' आंदोलन क्या है?
यह आंदोलन राजस्थान के बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में चल रहा है। स्थानीय लोगों और बेनीवाल का कहना है कि यह परियोजना भैराणा धाम के धार्मिक और सांस्कृतिक हितों के लिए नुकसानदेह है।
BJP नेताओं ने बेनीवाल के बयान पर क्या कहा?
गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भाषा को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया। BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' कहा, जबकि मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने इसे राजनीतिक अवसरवाद और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान बताया।
बेनीवाल ने सरकार से क्या माँगें रखी हैं?
बेनीवाल ने माँग की है कि प्रस्तावित रीको परियोजना को बिचून क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही उन्होंने दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देने की भी माँग उठाई है।
इस विवाद से राजस्थान की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
इस घटनाक्रम से RLP और BJP के बीच पहले से चली आ रही तनातनी और गहरी होने की संभावना है। रीको परियोजना का मुद्दा अब स्थानीय विरोध से आगे बढ़कर राज्य-स्तरीय गठबंधन समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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