भजनलाल पर बेनीवाल की आपत्तिजनक भाषा के बाद BJP का पलटवार, RLP-BJP टकराव तेज
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ भैराणा गांव की एक महापंचायत में इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और RLP के बीच सियासी टकराव तीखा हो गया है। 28 मई 2026 को सामने आए इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
विवाद की जड़: भैराणा महापंचायत
पूरा मामला 'रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ' आंदोलन के तहत आयोजित एक महापंचायत से शुरू हुआ। यह आंदोलन बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में चल रहा है। इस महापंचायत में पहुँचे बेनीवाल ने राजस्थान सरकार पर जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।
बेनीवाल ने BJP पर संतों और धार्मिक संस्थाओं के हितों की रक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार खुद को सनातन मूल्यों के प्रति समर्पित बताती है, लेकिन ज़मीनी हालात इसके विपरीत हैं। उन्होंने माँग की कि प्रस्तावित रीको परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाए।
BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि बेनीवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ अस्वीकार्य भाषा का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया है, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है। एक सांसद होने के नाते व्यक्ति से गरिमा और संयम बनाए रखने की उम्मीद की जाती है।' बेढ़म ने यह भी कहा कि राजस्थान के लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे बयान नशे की हालत में दिए जा रहे हैं।
BJP प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बेनीवाल की टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और आलोचना स्वाभाविक हैं, किंतु राजनीतिक बयानबाज़ी मर्यादा और शालीनता की सीमा में रहनी चाहिए। राठौड़ ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे बयानों को टीआरपी के लिए ज़रूरत से ज़्यादा प्रचार न दिया जाए।
मुख्य प्रवक्ता का हमला
BJP के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि बेनीवाल के बयान राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाते हैं और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी टिप्पणियाँ आपके संस्कारों को दिखाती हैं। राजस्थान की जनता अच्छी तरह जानती है कि आप किस हालत में इस तरह की बातें करते हैं।'
आगे क्या
इस घटनाक्रम के बाद RLP और BJP के बीच दूरियाँ और बढ़ने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर विपक्षी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। रीको परियोजना विवाद अब महज़ एक स्थानीय मुद्दे से बढ़कर राज्य की राजनीति में गठबंधन समीकरणों की परीक्षा बन गया है।