क्या धनबाद में अवैध कोयला खनन के कारण 10 से अधिक लोगों की मौत हुई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या धनबाद में अवैध कोयला खनन के कारण 10 से अधिक लोगों की मौत हुई?

सारांश

धनबाद में अवैध कोयला खनन की एक बड़ी घटना सामने आई है जिसमें 10 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। क्या यह घटना फिर से अवैध खनन की समस्या को उजागर करेगी?

मुख्य बातें

धनबाद में अवैध कोयला खनन से एक बड़ा हादसा हुआ।
10 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
अवैध खनन की समस्या एक बार फिर सिस्टम की नाकामी को उजागर करती है।

धनबाद, 23 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड के केसरगढ़ क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान एक गंभीर घटना घटित हुई है। बीसीसीएल ब्लॉक 2 के शिव मंदिर के निकट मंगलवार रात में एक चाल धंसने से 10 से अधिक मजदूरों के दबने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारों के मुताबिक, इस हादसे में 10 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की संभावना है, हालाँकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सामाजिक कार्यकर्ता सरयू रॉय ने इस घटना के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा, "बाघमारा, धनबाद के जमुनिया क्षेत्र में अवैध खनन की चाल धंसने से मंगलवार को 9 मजदूरों की जान गई है।" उन्होंने आगे लिखा, "अवैध खनन माफिया मृतकों के शवों को छिपाने में जुटे हैं। मैंने धनबाद एसएसपी को इसकी सूचना दे दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चुनचुन नामक खनन माफिया प्रभावशाली संरक्षण में अवैध खनन करवा रहा था।"

जैसे ही हादसे की खबर फैली, केसरगढ़ और आस-पास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। मृतकों और दबे हुए श्रमिकों के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई, लेकिन आरोप है कि कोयला माफिया से जुड़े सिंडिकेट के सदस्यों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। वे प्रशासन और माफिया के बीच मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना एक बार फिर सिस्टम की नाकामी को उजागर करती है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण श्रमिकों को बचाने का अवसर कम हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बचाव कार्य को तेज किया जाए और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि अवैध खनन की समस्या कितनी गंभीर है। सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हादसे में कितने लोग फंसे हैं?
सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में 10 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।
स्थानीय लोग इस पर क्या प्रतिक्रिया दे रहे हैं?
स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या प्रशासन ने इस हादसे की पुष्टि की है?
अभी तक प्रशासन ने इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राहत कार्य की स्थिति क्या है?
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य की स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों ने तेजी से कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले