10 अक्टूबर 2026
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धनबाद SBI एटीएम में संदिग्ध प्लेट बरामद, SSP प्रभात कुमार ने सभी बैंकों को जारी किया अलर्ट

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धनबाद SBI एटीएम में संदिग्ध प्लेट बरामद, SSP प्रभात कुमार ने सभी बैंकों को जारी किया अलर्ट

सारांश

धनबाद के SBI एटीएम के कैश स्लॉट में संदिग्ध प्लेट मिली — खाते से पैसे कटे, नकदी नहीं निकली। पहले भी हो चुकी है ठगी। SSP ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन सवाल यह है कि बंद सीसीटीवी और गार्डविहीन एटीएम की समस्या कब तक बनी रहेगी।

मुख्य बातें

धनबाद के मटकुरिया स्थित SBI एटीएम के कैश डिस्पेंसर स्लॉट पर एक संदिग्ध प्लेट बरामद की गई।
एक ग्राहक के खाते से ₹1,000 कटे लेकिन नकदी नहीं मिली; इसी एटीएम पर पहले ₹3,000 की ठगी भी हो चुकी थी।
SSP प्रभात कुमार ने जिले के सभी बैंकों को पत्र लिखकर नियमित एटीएम जाँच, सीसीटीवी मरम्मत और सुरक्षा गार्ड तैनाती के निर्देश दिए।
पीड़ित अमरेश कुमार दास ने धनबाद में कई एटीएम पर गार्ड और कार्यशील सीसीटीवी की कमी की बात कही।
पुलिस ने थाना प्रभारियों और गश्त दलों को एटीएम की निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया है।

झारखंड के धनबाद स्थित मटकुरिया के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) एटीएम के कैश डिस्पेंसर स्लॉट पर एक संदिग्ध प्लेट मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। 10 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस घटना के बाद धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार ने जिले के सभी बैंकों को पत्र लिखकर एटीएम सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। आशंका जताई जा रही है कि इस संदिग्ध उपकरण का उपयोग एटीएम से पैसे निकालने आने वाले ग्राहकों को ठगने के लिए किया जा रहा था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार की सुबह एक ग्राहक के खाते से ₹1,000 कट गए, लेकिन नकदी बाहर नहीं निकली। यह कोई इकलौती घटना नहीं थी — इसी एटीएम पर इससे पहले भी ₹3,000 की ठगी का मामला सामने आ चुका था। पुलिस ने एटीएम के कैश स्लॉट पर लगी संदिग्ध प्लेट को बरामद किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि यह तरीका 'कैश ट्रैपिंग' जैसी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी की तकनीकों से मिलता-जुलता है, जिसमें एटीएम के डिस्पेंसर स्लॉट में कोई अवरोधक उपकरण लगाकर नकदी को रोका जाता है। ग्राहक के जाने के बाद ठग उस रुकी हुई नकदी को निकाल लेते हैं या खाते से कटी राशि का दुरुपयोग करते हैं।

एटीएम सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

पीड़ित अमरेश कुमार दास ने बताया कि धनबाद में कई एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। कहीं सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, तो कहीं सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में आम लोगों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में एटीएम से जुड़े साइबर अपराधों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। झारखंड, जो पहले से साइबर ठगी के लिए कुख्यात 'जामताड़ा मॉडल' का केंद्र रहा है, वहाँ इस तरह की वारदातें खासतौर पर चिंताजनक हैं।

SSP का निर्देश और पुलिस की प्रतिक्रिया

SSP प्रभात कुमार ने कहा, 'हमें सूचना मिली है कि एटीएम में छेड़छाड़ करके लोगों से ठगी का प्रयास किया जा रहा है। उसके आलोक में थाना प्रभारी को और सभी पोलिंग पार्टी को निर्देश दिया गया है।' उन्होंने आगे बताया कि बैंकों को लिखे पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जहाँ भी एटीएम संचालित हों, उन्हें नियमित अंतराल पर जाँचा जाए और जो सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जाए।

पुलिस ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के एटीएम की नियमित जाँच करने और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

बैंकों को क्या करने के निर्देश दिए गए

SSP के पत्र में बैंकों को विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया है — सीसीटीवी कैमरों की नियमित मरम्मत और निगरानी, एटीएम की समय-समय पर भौतिक जाँच, और सुरक्षा गार्ड की अनिवार्य तैनाती। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से एटीएम छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

आम जनता को सतर्कता की सलाह

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि एटीएम से पैसे निकालते समय कैश स्लॉट और कार्ड स्लॉट को ध्यान से देखें। यदि कोई संदिग्ध उपकरण या अवरोध नज़र आए, तो तुरंत बैंक और स्थानीय पुलिस को सूचित करें। खाते से पैसे कटने के बावजूद नकदी न मिलने की स्थिति में बैंक की हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। यह मामला धनबाद में एटीएम सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की तत्काल जरूरत को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बड़ी प्रणालीगत खामी का लक्षण है — जहाँ बैंक एटीएम तो खोलते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी से पीछे हटते हैं। सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति और बंद सीसीटीवी महज लापरवाही नहीं, ये ग्राहकों की जमा-पूँजी के साथ खिलवाड़ है। पुलिस का अलर्ट स्वागतयोग्य है, लेकिन असली जवाबदेही तब बनेगी जब बैंकों पर एटीएम सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर नियामकीय कार्रवाई हो। भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के बावजूद एटीएम निगरानी में इस तरह की खामियाँ बताती हैं कि पत्र लिखना काफी नहीं, अनुपालन की बाध्यता ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनबाद SBI एटीएम में संदिग्ध प्लेट मिलने का मामला क्या है?
धनबाद के मटकुरिया स्थित SBI एटीएम के कैश डिस्पेंसर स्लॉट पर पुलिस ने एक संदिग्ध प्लेट बरामद की है। आशंका है कि इस उपकरण के जरिए ग्राहकों की नकदी रोकी जा रही थी और खातों से पैसे काटे जा रहे थे।
इस एटीएम ठगी से कितने लोग प्रभावित हुए और कितनी राशि की ठगी हुई?
अब तक कम से कम दो मामले सामने आए हैं — एक में ₹1,000 और दूसरे में ₹3,000 की ठगी हुई। पुलिस जाँच जारी है और आगे और पीड़ितों की जानकारी सामने आ सकती है।
SSP प्रभात कुमार ने बैंकों को क्या निर्देश दिए हैं?
SSP प्रभात कुमार ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर तीन निर्देश दिए हैं — एटीएम की नियमित भौतिक जाँच, सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत और अनिवार्य सुरक्षा गार्ड तैनाती। इसके साथ ही थाना प्रभारियों को भी एटीएम की निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
एटीएम में 'कैश ट्रैपिंग' ठगी से कैसे बचें?
पैसे निकालते समय एटीएम के कैश स्लॉट और कार्ड स्लॉट को ध्यान से जाँचें। कोई भी असामान्य उपकरण या अवरोध दिखे तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें। खाते से राशि कटने के बावजूद नकदी न मिले तो बैंक की हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
धनबाद के एटीएम में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या है?
पीड़ित अमरेश कुमार दास के अनुसार धनबाद में कई एटीएम पर न तो सुरक्षा गार्ड हैं और न ही सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हैं। पुलिस ने भी माना है कि एटीएम सुरक्षा में गंभीर खामियाँ हैं जिन्हें दूर करने के लिए बैंकों को निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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