धर्मेंद्र प्रधान का संबलपुर को आह्वान: 10 अक्टूबर को 'सेवा संकल्प अभियान' में जुड़ें
सारांश
मुख्य बातें
संबलपुर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से आग्रह किया कि वे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत 10 अक्टूबर को संबलपुर जिले में आयोजित होने वाले व्यापक स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने फेसबुक पर साझा एक वीडियो संदेश के ज़रिए यह अपील की।
अभियान का आह्वान और लक्ष्य
प्रधान ने अपने वीडियो संदेश में कहा, 'मैं संबलपुर के प्रत्येक नागरिक, अपने युवा मित्रों, माताओं और बहनों, जन प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों से अपील करता हूं कि वे इस अभियान में हिस्सा लें और अपने गाँवों, बस्तियों, वार्डों, मोहल्लों और सार्वजनिक जगहों की सफाई में योगदान दें।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्वच्छता अभियान को एक जन आंदोलन में बदला जाए ताकि संबलपुर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ जिला बनाया जा सके।
स्वच्छता का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
ओड़िया परंपराओं का हवाला देते हुए प्रधान ने कहा कि स्वच्छता केवल घर की चार दीवारों तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवनशैली, मूल्य और चरित्र का प्रतीक है। उन्होंने धार्मिक ग्रंथ 'लक्ष्मी पुराण' का उल्लेख करते हुए बताया कि जहाँ सफाई होती है, वहाँ देवी लक्ष्मी का वास होता है। प्रधान ने यह भी कहा कि ओड़िया परिवारों में कोई भी पूजा या धार्मिक अनुष्ठान स्वच्छता और पवित्रता के बिना पूर्ण नहीं माना जाता।
उन्होंने स्वच्छता को 'एक आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्य' बताया जो पूर्वजों की विरासत है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वच्छ भारत मिशन के अगले चरण पर राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित है।
गांधी और मोदी की विरासत का संदर्भ
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने महात्मा गांधी की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता को याद करते हुए कहा कि गांधीजी स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की नींव मानते थे और उन्होंने स्वयं सफाई अभियानों में भाग लिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार 'स्वच्छता ही सेवा' के संदेश को रेखांकित करते रहे हैं। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर — गांधी जयंती — के आसपास इस तरह के अभियानों की राष्ट्रीय परंपरा रही है।
संबलपुर की सांस्कृतिक पहचान
धर्मेंद्र प्रधान ने संबलपुर को ओड़िया साहित्य, संस्कृति, कला और आध्यात्मिक मूल्यों का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि को स्वच्छ, सुंदर, कचरे से मुक्त और स्वस्थ बनाए रखना नागरिकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है।
आगे क्या
10 अक्टूबर 2026 की सुबह संबलपुर जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत यह स्वच्छता अभियान आयोजित होना है। प्रधान की अपील में ग्राम प्रतिनिधियों, महिला समूहों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को विशेष रूप से शामिल होने का आग्रह किया गया है। यदि यह अभियान व्यापक जन भागीदारी जुटाने में सफल रहा, तो यह भविष्य में जिले के अन्य हिस्सों में भी इसी तर्ज पर आयोजन की राह खोल सकता है।