30 सितंबर 2026
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प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी: डिजिटल युग में कम शब्दों में सटीक खबर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती

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प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी: डिजिटल युग में कम शब्दों में सटीक खबर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती

सारांश

प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी का मानना है कि कंटेंट की भरमार के इस युग में असली जीत उसकी है जो कम शब्दों में, सही समय पर, सटीक खबर दे सके। सार्वजनिक प्रसारण के शीर्ष पर बैठे एक अधिकारी का यह बयान भारतीय मीडिया के डिजिटल बदलाव की दिशा और दशा दोनों को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

प्रसार भारती के CEO गौरव द्विवेदी ने 30 सितंबर 2026 को मुंबई में डिजिटल मीडिया की चुनौतियों पर बात की।
उन्होंने कहा — कंटेंट की बहुलता के दौर में कम शब्दों में सटीक खबर पहुँचाना मीडिया की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।
खबर की सटीकता के साथ-साथ उसके प्रेजेंटेशन का तरीका भी अब उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
सरकारी वित्तीय सहायता से प्रसार भारती अपने आधुनिकीकरण के काम को आगे बढ़ाने में सफल रहा है।
BJP का 'सेवा संकल्प अभियान' 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक, PM मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर केंद्रित।

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने 30 सितंबर 2026 को मुंबई में मीडिया को डिजिटल दौर में आ रही चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज दर्शकों और पाठकों के सामने कंटेंट की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी मीडिया संगठन के लिए समाचार को कम शब्दों में, सरल भाषा में और प्रभावी तरीके से पहुँचाना ही सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बन गई है।

समय की कमी बनी मीडिया की सबसे बड़ी चुनौती

द्विवेदी ने कहा, 'मीडिया के लिए अब सबसे बड़ा चैलेंज समय का है। जब लोगों के पास देखने और पढ़ने के लिए इतनी ज़्यादा चीज़ें मौजूद हों, तो वे किसी एक कंटेंट पर ज़्यादा समय नहीं देना चाहते।' उनका कहना था कि इस परिदृश्य में मीडिया संगठनों की कोशिश यही होनी चाहिए कि खबर सही समय पर और सही अंदाज़ में लोगों तक पहुँचे।

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पारंपरिक प्रसारण माध्यम और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म दोनों एक-दूसरे से दर्शकों का ध्यान खींचने की प्रतिस्पर्धा में हैं। गौरतलब है कि प्रसार भारती भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रसारक है, जिसके अंतर्गत दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो आते हैं।

कंटेंट प्रेजेंटेशन पर ज़ोर

द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल दौर में केवल सूचना देना पर्याप्त नहीं है — उसे प्रस्तुत करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'बदलते समय के मुताबिक मीडिया को अपने कंटेंट के तरीके में भी बदलाव करना पड़ रहा है। अलग-अलग मीडिया संगठन इसी दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि कम समय में लोगों को ज़रूरी और सही जानकारी दी जा सके।'

यह ऐसे समय में है जब शॉर्ट-फ़ॉर्म वीडियो, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया ने उपभोक्ता के मीडिया-उपभोग के तरीके को बुनियादी रूप से बदल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि परंपरागत प्रसारकों को खुद को इस बदलाव के अनुरूप ढालना अनिवार्य हो गया है।

प्रसार भारती के आधुनिकीकरण में सरकारी मदद

द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में कहा कि प्रसार भारती जैसे बड़े मीडिया संस्थान के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने और सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मिल रही वित्तीय सहायता की वजह से प्रसार भारती अपने आधुनिकीकरण के कार्य को काफी हद तक आगे बढ़ाने में सफल रहा है।

BJP का 'सेवा संकल्प अभियान'

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक 'सेवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया है। इस अभियान के तहत विकास कार्यों की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार, केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुँचाना, 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य से जनता को जोड़ना तथा सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में जन-जागरूकता फैलाना शामिल है।

आगे क्या

मीडिया उद्योग के जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक प्रसारकों के लिए डिजिटल परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें तकनीक, कौशल और संसाधन — तीनों की एक साथ ज़रूरत होती है। प्रसार भारती का आधुनिकीकरण अभियान इस दिशा में किस हद तक सफल होता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह प्रश्न भी उतना ही प्रासंगिक है कि 'कम शब्दों में सही खबर' का लक्ष्य और 'सरकारी फंडिंग पर निर्भरता' — ये दोनों एक साथ कैसे चलते हैं, क्योंकि संपादकीय स्वायत्तता और वित्तीय निर्भरता के बीच का तनाव सार्वजनिक प्रसारण की पुरानी पहेली है। प्रसार भारती के आधुनिकीकरण की बात सराहनीय है, परंतु मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछती कि इस आधुनिकीकरण के साथ स्वतंत्र संपादकीय नीति भी अपग्रेड हो रही है या नहीं।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव द्विवेदी के अनुसार डिजिटल दौर में मीडिया की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
प्रसार भारती CEO गौरव द्विवेदी के अनुसार, आज ऑडियंस के पास कंटेंट की कोई कमी नहीं है, इसलिए कम शब्दों में, सही समय पर और सही अंदाज़ में खबर पहुँचाना मीडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उनका कहना है कि खबर के साथ उसका प्रेजेंटेशन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
प्रसार भारती क्या है और इसके CEO कौन हैं?
प्रसार भारती भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रसारक है, जिसके अंतर्गत दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो आते हैं। इसके वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गौरव द्विवेदी हैं।
प्रसार भारती के आधुनिकीकरण में सरकार की भूमिका क्या है?
गौरव द्विवेदी के अनुसार, प्रसार भारती के बुनियादी ढाँचे को अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है, और सरकार की ओर से मिल रही सहायता की वजह से संस्थान अपना आधुनिकीकरण काफी हद तक आगे बढ़ाने में सक्षम हुआ है।
BJP का 'सेवा संकल्प अभियान' क्या है?
'सेवा संकल्प अभियान' भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा PM नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। इसके तहत सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को आम नागरिकों तक पहुँचाने का काम किया जा रहा है।
डिजिटल युग में मीडिया संगठन अपने कंटेंट में क्या बदलाव कर रहे हैं?
गौरव द्विवेदी के अनुसार, मीडिया संगठन अब अपने कंटेंट के प्रस्तुतीकरण के तरीके में बदलाव कर रहे हैं — ताकि कम समय में दर्शकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुँचाई जा सके। शॉर्ट-फ़ॉर्म, सरल भाषा और आधुनिक फ़ॉर्मेट इस बदलाव के मुख्य तत्व हैं।
राष्ट्र प्रेस
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