21 अगस्त 2026
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मेरठ SSP पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप: दिग्विजय भाटी बोले — 'लात से आंख फोड़ी, 30% ही ठीक होगी'

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मेरठ SSP पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप: दिग्विजय भाटी बोले — 'लात से आंख फोड़ी, 30% ही ठीक होगी'

सारांश

मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी ने SSP और इंस्पेक्टर पर हिरासत में बर्बर पिटाई और आंख फोड़ने का आरोप लगाया है। पुलिस ने स्कूटर दुर्घटना का हवाला देकर आरोप नकारे। विवाद बढ़ने पर SSP अविनाश पांडे का तबादला हो गया — सच्चाई अभी जाँच के दायरे में है।

मुख्य बातें

दिग्विजय भाटी (BKU-बीआर अंबेडकर अध्यक्ष) ने मेरठ SSP अविनाश पांडे और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर 19 अगस्त 2026 को हिरासत में थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया।
भाटी का दावा है कि SSP की लात से उनकी बाईं आंख पर चोट लगी और डॉक्टरों के अनुसार आंख केवल 30% तक ही ठीक हो पाएगी।
कथित तौर पर SOG कार्यालय में पैर बांधकर उल्टा लटकाकर पिटाई की गई और फोन पर SSP को चीखें सुनाई गईं।
मेरठ पुलिस ने सभी आरोप खारिज किए — दावा किया कि दोनों का स्कूटर फिसला और उन्होंने खुद जनरल डायरी एंट्री नंबर 53 में लिखित आवेदन दिया।
यह मामला ललिता गौतम हत्याकांड ( 15 मई 2026 , रोहटा, मेरठ) से जुड़े 8 जुलाई के प्रदर्शन और उसके बाद 63 प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR से संबंधित है।
विवाद के बाद SSP अविनाश पांडे का तबादला; बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP नियुक्त किया गया।

भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) अविनाश पांडे और सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर हिरासत में बर्बर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। भाटी का कहना है कि 19 अगस्त 2026 को SSP दफ्तर में बुलाकर उनके साथ और उनके साथी मोहित जाटव के साथ थर्ड-डिग्री टॉर्चर किया गया, जिसमें उनकी बाईं आंख पर लात मारी गई और डॉक्टरों के अनुसार वह आंख अब केवल 30 प्रतिशत तक ही ठीक हो पाएगी। मेरठ पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकारा है।

भाटी का बयान: क्या हुआ SSP दफ्तर में

भाटी ने अपने बयान में कहा, 'ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़े विरोध प्रदर्शन में मैं शामिल नहीं था — उस दिन मैं नोएडा-गाजियाबाद में था। इसके बावजूद हमें जेल भेजा गया।' उन्होंने बताया कि बाद में मोहित की SSP से बातचीत के बाद उन्हें मिलने के लिए बुलाया गया।

भाटी के अनुसार, 'जब हम कप्तान से मिलने पहुंचे तो हमें एक केबिन में ले जाया गया। अंदर 3-4 लोगों ने कोहनियों से मारा और बेरहमी से पीटा। जब मैं SSP के पैरों पर गिर रहा था, तो उन्होंने मुझे लात मारी जो सीधे मेरी आंख पर लगी।'

SOG कार्यालय में कथित यातना

भाटी का आरोप है कि पिटाई के बाद सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाया गया और उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया। वहाँ कथित तौर पर पैर बांधकर उल्टा लटकाकर पिटाई की गई और ढक्कन से पानी दिया गया। भाटी के मुताबिक, 'अखिलेश ने फोन पर SSP को हमारी चीखें सुनाईं।' यह आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जाँच अभी लंबित है।

सोशल मीडिया पर भाटी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे अपनी बाईं सूजी हुई आंख और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोट के निशान दिखाते नजर आए। भाटी ने दावा किया कि वे SSP से मिलकर FIR से अपना नाम हटवाने की माँग करने गए थे, क्योंकि वे कथित घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।

मामले की पृष्ठभूमि: ललिता गौतम हत्याकांड

यह पूरा विवाद ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़ा है। 15 मई 2026 को मेरठ के रोहटा इलाके के एक खेत में कॉलेज छात्रा ललिता गौतम का शव मिला था। जाँच की कथित लापरवाही से नाराज दलित प्रदर्शनकारियों ने 8 जुलाई को मेरठ कलेक्ट्रेट का गेट लगभग तीन घंटे तक जाम कर दिया। वे जिला प्रशासन के साथ बैठक और मुख्य आरोपी अंकित की तत्काल गिरफ्तारी की माँग कर रहे थे।

विरोध प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब SSP पांडे के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद पुलिस ने 63 प्रदर्शनकारियों पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया — जिनमें भाटी और मोहित जाटव भी शामिल थे।

मेरठ पुलिस का पक्ष

मेरठ पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी कर भाटी के सभी आरोपों को खारिज किया। पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को भाटी और मोहित जाटव अपने खिलाफ दर्ज मामलों पर चर्चा के लिए सिविल लाइंस थाने आए थे। पुलिस का दावा है कि घर लौटते समय उनका स्कूटर फिसल गया, जिससे उन्हें चोटें आईं।

पुलिस ने यह भी कहा कि दोनों ने खुद इस स्कूटर दुर्घटना के संबंध में सिविल लाइंस थाने में लिखित आवेदन दिया था, जिसे शाम 5:31 बजे जनरल डायरी एंट्री नंबर 53 में दर्ज किया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों पहले से ही अपने-अपने थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर हैं।

SSP का तबादला, नए अधिकारी की तैनाती

इस विवाद के सामने आने के बाद SSP अविनाश पांडे को मेरठ से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह झाँसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP नियुक्त किया गया है। यह तबादला आरोपों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दलित आंदोलनों को दबाने की उस पुरानी रणनीति की कड़ी है जिसमें हिरासत को सजा के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। SSP का तत्काल तबादला प्रशासनिक संवेदनशीलता का संकेत है, लेकिन यह जवाबदेही का विकल्प नहीं। असली सवाल यह है कि क्या पुलिस की 'स्कूटर दुर्घटना' वाली कहानी मेडिकल रिपोर्ट और वायरल वीडियो के सामने टिकेगी — और क्या ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की माँग करने वालों को इसी तरह 'हिस्ट्रीशीटर' का ठप्पा लगाकर चुप कराया जाता रहेगा।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय भाटी ने मेरठ SSP पर क्या आरोप लगाए हैं?
भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ SSP अविनाश पांडे और सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर 19 अगस्त 2026 को हिरासत में थर्ड-डिग्री टॉर्चर का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि SSP की लात से उनकी बाईं आंख पर चोट आई और SOG कार्यालय में पैर बांधकर उल्टा लटकाकर पिटाई की गई।
मेरठ पुलिस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
मेरठ पुलिस ने सभी आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि भाटी और मोहित जाटव थाने से लौटते समय स्कूटर से गिर गए और उन्होंने खुद इस दुर्घटना का लिखित आवेदन सिविल लाइंस थाने में दिया, जो शाम 5:31 बजे जनरल डायरी एंट्री नंबर 53 में दर्ज है।
यह मामला ललिता गौतम हत्याकांड से कैसे जुड़ा है?
15 मई 2026 को मेरठ के रोहटा इलाके में कॉलेज छात्रा ललिता गौतम का शव मिला था। 8 जुलाई को जाँच की कथित लापरवाही के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस ने लाठीचार्ज कर 63 लोगों पर FIR दर्ज की, जिनमें भाटी भी शामिल थे। इसी FIR से नाम हटवाने की माँग लेकर भाटी SSP से मिलने गए थे।
SSP अविनाश पांडे का तबादला क्यों हुआ?
इस विवाद के सामने आने और सोशल मीडिया पर भाटी का वायरल वीडियो फैलने के बाद SSP अविनाश पांडे को मेरठ से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया। उनकी जगह झाँसी के SSP बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP नियुक्त किया गया है।
क्या भाटी के आरोपों की कोई स्वतंत्र जाँच होगी?
अभी तक किसी स्वतंत्र जाँच की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। SSP का तबादला हो चुका है, लेकिन भाटी के चोटों की मेडिकल रिपोर्ट और वायरल वीडियो को देखते हुए मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से जाँच की माँग उठ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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