4 सितंबर 2026
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बुलंदशहर से गिरफ्तार इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज, सीजेपी प्रदर्शन में दलित पिता का सिर फोड़ने का आरोप

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बुलंदशहर से गिरफ्तार इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज, सीजेपी प्रदर्शन में दलित पिता का सिर फोड़ने का आरोप

सारांश

जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान दलित पिता संजय कुमार के सिर पर हमले का आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से पकड़ा गया। वायरल वीडियो में खुद उसने हमले की डींग मारी थी। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर बड़े विरोध के बाद पुलिस ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।

मुख्य बातें

इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।
आरोप है कि उसने जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार (निशु आजाद के पिता) के सिर पर हमला किया, जिसमें 60 टांके लगे।
वायरल वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर खुद हमले की बात स्वीकार की और पुलिस से 'राजनीतिक संबंधों' के कारण छूटने का दावा किया।
चंद्रशेखर आजाद , पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
पुलिस ने 72 घंटे में पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग की।

दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। भारद्वाज पर आरोप है कि उसने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला किया और उनके सिर पर गंभीर चोट पहुँचाई। यह गिरफ्तारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर हुए बड़े विरोध-प्रदर्शन के बाद हुई।

मामला कैसे सुर्खियों में आया

यह पूरा प्रकरण एक वायरल वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें कथित तौर पर स्वतंत्र भारद्वाज खुद दावा कर रहा था कि उसने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के सिर पर हमला किया। वीडियो में वह यह भी कहता सुनाई दे रहा था कि दिल्ली पुलिस ने उसके कथित राजनीतिक संबंधों के कारण उसे छोड़ दिया।

वायरल क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह भी स्वीकार कर रहा था कि संजय कुमार के सिर पर 60 टांके लगे। इस खुलासे के बाद सीजेपी और कई विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की माँग की।

विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव

शुक्रवार को सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। इसमें आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी कानूनी टीम मौके पर भेजी। सीजेपी के वकील-प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डीसीपी से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की माँग की।

प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को पॉक्सो, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और हत्या के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था।

सीजेपी की माँगें

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जब संजय कुमार के सिर में इतनी गंभीर चोट लगी है और आरोपी ने खुद एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में हत्या के प्रयास का दावा किया है, तो एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा अवश्य जोड़ी जानी चाहिए।

संगठन ने यह भी माँग की कि चूँकि पीड़ित परिवार दलित है, इसलिए एससी-एसटी एक्ट की धाराएँ सख्ती से लागू हों और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। संगठन ने इसे राजधानी के बीच एक दलित परिवार पर सुनियोजित हमला बताया।

आगे क्या होगा

हिरासत के बाद अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस पूर्व में दिए गए 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी के आश्वासन को किस हद तक पूरा करती है और एफआईआर में माँगी गई धाराएँ जोड़ी जाती हैं या नहीं। इस मामले पर विपक्षी दलों और दलित अधिकार संगठनों की नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह दलित पीड़ितों के मामलों में कानूनी प्रावधानों के क्रियान्वयन की उस पुरानी खाई को उजागर करती है जिस पर बार-बार सवाल उठते हैं। 72 घंटे की समयसीमा और एफआईआर में धाराओं का अंतिम स्वरूप ही बताएगा कि यह कार्रवाई वास्तविक जवाबदेही है या महज दबाव-प्रबंधन।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या आरोप हैं?
स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उसने जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर हमला किया, जिसमें उन्हें 60 टांके लगे। कथित तौर पर भारद्वाज ने खुद एक वायरल वीडियो और पॉडकास्ट में इस हमले की बात स्वीकार की थी।
स्वतंत्र भारद्वाज को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। यह गिरफ्तारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर हुए बड़े विरोध-प्रदर्शन के बाद हुई।
सीजेपी ने पुलिस से क्या माँगें रखी हैं?
सीजेपी ने माँग की है कि एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए, एससी-एसटी एक्ट की धाराएँ सख्ती से लागू हों और घटना में शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाए। प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आरोपी ने खुद पॉडकास्ट में हत्या के प्रयास की बात कही है, इसलिए संबंधित धारा अनिवार्य है।
विरोध-प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुए?
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर हुए प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अपनी कानूनी टीम मौके पर भेजी।
पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर क्या आश्वासन दिया है?
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को 72 घंटे के भीतर आरोपी को पॉक्सो, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और हत्या के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था। बुलंदशहर से हिरासत के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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