चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, बोले — 'मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार, 4 सितंबर को पटना में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने वायरल वीडियो में उनके नाम का दुरुपयोग किया है। पासवान ने कहा कि उन्होंने इस मामले में भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और नाबालिग छात्रा निशु आजाद तथा उसके परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद उस कथित वायरल वीडियो से उपजा है जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की। वीडियो में भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस बयान में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम का उल्लेख किए जाने से राजनीतिक विवाद गहरा गया।
चिराग पासवान की कड़ी प्रतिक्रिया
पासवान ने इस घटना को बेहद गंभीर करार देते हुए कहा, 'कोई व्यक्ति खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी जान भी जा सकती थी। अगर पॉडकास्ट में ऐसा कबूल करने के बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो यह देश और समाज के सामने बेहद गलत उदाहरण होगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि भारद्वाज ने उनके अलावा कई अन्य नेताओं के नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है। पासवान ने स्पष्ट किया, 'यह कहना गलत है कि स्वतंत्र भारद्वाज मुझे व्यक्तिगत रूप से जानता है। मेरे नाम का इस तरह इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक जीवन में किसी से मिलना-जुलना सामान्य है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह व्यक्ति किसी नेता का करीबी हो।
पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा
एलजेपी (रामविलास) प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी निशु आजाद और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, 'हम यह जिम्मेदारी लेते हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। मेरे ऊपर यह आरोप लगाया गया कि मेरे या अन्य नेताओं के समर्थन के कारण आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई। अब हम सुनिश्चित करेंगे कि सच सामने आए और कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाने वाले आरोपी को सख्त सजा मिले।'
दिल्ली पुलिस का आश्वासन
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद आश्वासन दिया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
पासवान द्वारा दर्ज शिकायत के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की गति बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस के आश्वासन और एक केंद्रीय मंत्री की सक्रिय भागीदारी के बाद अब सभी की निगाहें जांच की दिशा और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।