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चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, बोले — 'मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ'

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चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, बोले — 'मेरे नाम का दुरुपयोग हुआ'

सारांश

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है — आरोप है कि भारद्वाज ने वायरल वीडियो में पासवान समेत कई नेताओं के नाम का दुरुपयोग किया। दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

चिराग पासवान ने 4 सितंबर को इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
भारद्वाज पर आरोप है कि उसने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की और वायरल वीडियो में नेताओं के नाम का दुरुपयोग किया।
पासवान ने दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली।
दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर भारद्वाज को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराओं में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
पासवान ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक जीवन में किसी से मिलने का अर्थ व्यक्तिगत परिचय नहीं होता।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार, 4 सितंबर को पटना में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने वायरल वीडियो में उनके नाम का दुरुपयोग किया है। पासवान ने कहा कि उन्होंने इस मामले में भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और नाबालिग छात्रा निशु आजाद तथा उसके परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद उस कथित वायरल वीडियो से उपजा है जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की। वीडियो में भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस बयान में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम का उल्लेख किए जाने से राजनीतिक विवाद गहरा गया।

चिराग पासवान की कड़ी प्रतिक्रिया

पासवान ने इस घटना को बेहद गंभीर करार देते हुए कहा, 'कोई व्यक्ति खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी जान भी जा सकती थी। अगर पॉडकास्ट में ऐसा कबूल करने के बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो यह देश और समाज के सामने बेहद गलत उदाहरण होगा।'

उन्होंने यह भी कहा कि भारद्वाज ने उनके अलावा कई अन्य नेताओं के नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है। पासवान ने स्पष्ट किया, 'यह कहना गलत है कि स्वतंत्र भारद्वाज मुझे व्यक्तिगत रूप से जानता है। मेरे नाम का इस तरह इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक जीवन में किसी से मिलना-जुलना सामान्य है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह व्यक्ति किसी नेता का करीबी हो।

पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा

एलजेपी (रामविलास) प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी निशु आजाद और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, 'हम यह जिम्मेदारी लेते हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। मेरे ऊपर यह आरोप लगाया गया कि मेरे या अन्य नेताओं के समर्थन के कारण आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई। अब हम सुनिश्चित करेंगे कि सच सामने आए और कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाने वाले आरोपी को सख्त सजा मिले।'

दिल्ली पुलिस का आश्वासन

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद आश्वासन दिया था कि स्वतंत्र भारद्वाज को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है।

आगे क्या होगा

पासवान द्वारा दर्ज शिकायत के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की गति बढ़ने की उम्मीद है। दिल्ली पुलिस के आश्वासन और एक केंद्रीय मंत्री की सक्रिय भागीदारी के बाद अब सभी की निगाहें जांच की दिशा और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस व्यापक परिघटना का है जिसमें सोशल मीडिया पर राजनीतिक संरक्षण का दावा कर कानून को चुनौती दी जाती है। चिराग पासवान का शिकायत दर्ज कराना राजनीतिक दृष्टि से सही कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि दिल्ली पुलिस ने पॉडकास्ट में सार्वजनिक कबूलनामे के बाद भी स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया। 72 घंटे का आश्वासन तब तक अर्थहीन है जब तक गिरफ्तारी वास्तव में न हो — और यह देखना होगा कि मंत्री की सक्रियता के बाद भी क्या पुलिस की रफ्तार बदलती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत क्यों दर्ज कराई?
चिराग पासवान ने शिकायत इसलिए दर्ज कराई क्योंकि स्वतंत्र भारद्वाज ने एक वायरल वीडियो में उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए यह दावा किया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। पासवान ने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया।
स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो में क्या था?
कथित वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की। उसने यह भी कहा कि राजनीतिक संपर्कों के कारण दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।
स्वतंत्र भारद्वाज पर कौन-सी धाराएँ लगाई जा सकती हैं?
दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया है कि स्वतंत्र भारद्वाज को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा।
निशु आजाद कौन हैं और इस मामले से उनका क्या संबंध है?
निशु आजाद एक नाबालिग छात्रा हैं जिनके पिता के साथ जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर मारपीट की गई। चिराग पासवान ने उनके परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली है।
क्या चिराग पासवान और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच कोई व्यक्तिगत संबंध है?
चिराग पासवान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्वतंत्र भारद्वाज उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में किसी से मिलने का अर्थ यह नहीं कि वह व्यक्ति उनका करीबी हो।
राष्ट्र प्रेस
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