दिल्ली-एनसीआर में बारिश का कहर: जलभराव से यातायात ठप, 8 अगस्त को येलो अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 8 अगस्त 2026 को लगातार हो रही बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और दिनभर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद समेत एनसीआर के कई इलाकों में जलभराव के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है।
मुख्य घटनाक्रम
रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कीचड़ और गड्ढों की समस्या ने यातायात को और बाधित किया है। एक आवासीय सोसाइटी में जलभराव के बीच ग्रीन बेल्ट की दीवार गिरने की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय निवासियों में चिंता पैदा कर दी है। लगातार बारिश से जमीन में नमी बढ़ने और कमज़ोर निर्माणों के ढहने का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार 8 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह से रात तक हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 अगस्त को तापमान 34 डिग्री (अधिकतम) और 23 डिग्री (न्यूनतम) रहने की संभावना है — उस दिन कोई अलर्ट नहीं है।
सात दिवसीय मौसम का हाल
10 अगस्त को तापमान 34 और 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव। 11 अगस्त को अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है; आर्द्रता 75 से 85 प्रतिशत के बीच बनी रह सकती है। 12 और 13 अगस्त को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री के आसपास रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन दिनों के लिए विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
आम जनता पर असर
जलभराव के कारण दफ्तर जाने वाले और स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढों और कीचड़ से दोपहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कई दिनों तक तापमान में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन उमस और रुक-रुककर होने वाली बारिश का असर बना रहेगा।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पूरे उत्तर भारत में सक्रिय है और दिल्ली-एनसीआर में हर साल जलभराव की समस्या चर्चा का विषय बनती है। गौरतलब है कि शहरी जल-निकासी व्यवस्था की कमज़ोरियाँ हर मानसून में उजागर होती हैं। आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए निवासियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।