क्या दिनेश शर्मा ने ममता बनर्जी पर सही निशाना साधा?
सारांश
Key Takeaways
- तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
- राम मंदिर पर ममता बनर्जी की मौनता
- बाबरी मस्जिद और धार्मिक ध्रुवीकरण
- अमित शाह के बयानों का असर
- राजनीतिक रणनीति का महत्व
लखनऊ, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर वे तरह-तरह के पैंतरे बदलती हैं।
दिनेश शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पहले ममता बनर्जी ने वोटों के तुष्टिकरण के लिए अपने एक विधायक से बाबरी मस्जिद के निर्माण की बात करवाई थी। मस्जिद बनाना पवित्र काम है, उसका कोई विरोध नहीं करता, लेकिन जब उन्हें पता चला कि बहुसंख्यक उनके खिलाफ जा रहे हैं, तो वह मंदिर बनाने की बात करने लगीं।
उन्होंने कहा कि पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि राम मंदिर को लेकर उनका क्या विचार है? काशी और मथुरा को लेकर उनकी क्या सोच है? यह भी बताना चाहिए कि दंगों में हजारों की संख्या में बहुसंख्यकों की हत्या हुई है, उसके बारे में आपकी क्या सोच है? मंदिर बनवाने से काम नहीं चलेगा, दिल का मंदिर साफ करो। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके मन में रह-रहकर तुष्टिकरण का जिन्न निकल पड़ता है। तुष्टिकरण का जिन्न अब हार की तरफ जा रहा है, तो आपको मंदिर की याद आ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान भी उसकी नहीं सुनते जो उन्हें मानने वालों पर अत्याचार करता है। पहले तो उन्हें सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए और सनातन पर जो प्रहार किया है, उसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में अमित शाह के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह कोई बयान देते हैं तो उसका अर्थ और उस पर अमल जरूर होता है। उन्होंने अनुच्छेद 35ए और 370 को निरस्त करने की बात कही थी, ऐसा हो गया। उन्होंने सीएए को लागू करने की बात कही थी और ऐसा हो गया। उन्होंने तीन तलाक खत्म करने की बात कही थी, ऐसा हो गया। अब जनवरी की शुरुआत के साथ ही नक्सली अपनी आखिरी सांसें ले रहे हैं।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "सभी स्वस्थ और सुखी रहें और भारत की संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और सनातन धर्म की गरिमा को बनाए रखने में व्यस्त रहें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु का दर्जा प्राप्त करे। यही सभी नागरिकों की कामना है।"