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दीपावली पर NFR की पहल: त्रिपुरा में 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, 10 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद

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दीपावली पर NFR की पहल: त्रिपुरा में 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, 10 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद

सारांश

दीपावली उत्सव-2026 में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए NFR ने त्रिपुरा में 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। अगरतला-सबरूम और अगरतला-धर्मनगर मार्गों पर ये ट्रेनें माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।

मुख्य बातें

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने दीपावली पर त्रिपुरा में 3 जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की।
ट्रेनें अगरतला-सबरूम-अगरतला और अगरतला-धर्मनगर-अगरतला मार्गों पर रविवार से मंगलवार तक संचालित होंगी।
तीन दिवसीय दीपावली उत्सव में देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना।
उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जिसे सन् 1501 में बनवाया गया था।
पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने पहल के लिए PM मोदी , CM माणिक साहा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने दीपावली उत्सव-2026 के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए त्रिपुरा में तीन जोड़ी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो रविवार से मंगलवार तक संचालित होंगी। ये विशेष ट्रेन सेवाएँ अगरतला-सबरूम और अगरतला-धर्मनगर मार्गों पर यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेंगी।

मुख्य घटनाक्रम

NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि ये विशेष ट्रेनें अगरतला-सबरूम-अगरतला और अगरतला-धर्मनगर-अगरतला मार्गों पर संचालित की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सेवाओं का मूल उद्देश्य नियमित ट्रेनों में भीड़ को कम करना और त्योहारी सीज़न में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

अधिकारियों के अनुसार, तीन दिनों तक चलने वाले इस दीपावली उत्सव में देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालु और आगंतुक शामिल हो सकते हैं। इनमें से अधिकांश अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन के लिए आने की संभावना है।

माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का महत्व

उदयपुर, त्रिपुरा में स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, इसे सन् 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, जिन्होंने 1490 से 1515 तक तत्कालीन रियासत त्रिपुरा पर शासन किया था। यह मंदिर पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में गिना जाता है और दीपावली के अवसर पर यहाँ देश-विदेश से श्रद्धालु पहुँचते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

त्रिपुरा के पर्यटन और परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में NFR की इस पहल के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं और इन विशेष ट्रेनों से उनकी यात्रा आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

मंत्री चौधरी ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री माणिक साहा और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी आभार प्रकट किया।

तैयारियाँ पूरी, उत्सव को खास बनाने के प्रयास

स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय और गोमती जिले के जिलाधिकारी रिंकू लाथर ने बताया कि वार्षिक उत्सव की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष के आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष कदम उठाए गए हैं।

आम जनता पर असर

इन अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं से अगरतला, सबरूम और धर्मनगर के बीच यात्रा करने वाले हज़ारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा। नियमित ट्रेनों पर त्योहारी दबाव कम होगा और यात्री बिना अतिरिक्त भीड़ के अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी रेलवे से त्योहारी अवधि में बेहतर कनेक्टिविटी की माँग उठती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी की एक बड़ी सच्चाई को भी उजागर करती है — त्योहारों के वक्त ही अतिरिक्त सेवाओं की ज़रूरत क्यों पड़ती है? माता त्रिपुरा सुंदरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठ की ओर जाने वाले मार्गों पर यदि नियमित सेवाएँ पर्याप्त होतीं, तो विशेष ट्रेनों की माँग इतनी तीव्र न होती। साथ ही, 10 लाख श्रद्धालुओं का यह अनुमान केवल रेलवे की ज़िम्मेदारी नहीं — सड़क परिवहन, भीड़ प्रबंधन और मंदिर परिसर की क्षमता भी उतनी ही अहम हैं, जिन पर फिलहाल कम चर्चा है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NFR की दीपावली स्पेशल ट्रेनें त्रिपुरा में किन मार्गों पर चलेंगी?
ये विशेष ट्रेनें अगरतला-सबरूम-अगरतला और अगरतला-धर्मनगर-अगरतला मार्गों पर संचालित होंगी। NFR के CPRO कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, कुल 3 जोड़ी ट्रेनें रविवार से मंगलवार तक चलाई जाएंगी।
दीपावली पर त्रिपुरा में इतनी भीड़ क्यों होती है?
उदयपुर, त्रिपुरा में स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं। अधिकारियों के अनुसार इस बार 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर कहाँ स्थित है और इसका इतिहास क्या है?
यह मंदिर अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में उदयपुर, त्रिपुरा में स्थित है। इसे सन् 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, जिन्होंने 1490 से 1515 तक त्रिपुरा रियासत पर शासन किया था।
इन विशेष ट्रेनों की घोषणा किसने की और सरकार का रुख क्या है?
NFR के CPRO कपिंजल किशोर शर्मा ने इस घोषणा की पुष्टि की। त्रिपुरा के पर्यटन और परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने पहल का स्वागत करते हुए PM मोदी, CM माणिक साहा और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
दीपावली उत्सव की तैयारियाँ कहाँ तक पहुँची हैं?
स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय और गोमती जिले के जिलाधिकारी रिंकू लाथर ने बताया कि वार्षिक उत्सव की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष के आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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