8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में 3 दिवसीय दिवाली उत्सव: 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में 3 दिवसीय दिवाली उत्सव: 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

सारांश

525 साल पुराना माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर इस दिवाली पर पूर्वोत्तर के सबसे बड़े उत्सव की मेज़बानी करेगा — 10 लाख से अधिक श्रद्धालु, ड्रोन शो, रेत-कलाकृति और विशेष ट्रेन सेवा। ₹54 करोड़ से पुनर्निर्मित इस शक्तिपीठ का यह पहला भव्य दिवाली जश्न है।

मुख्य बातें

माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर , उदयपुर, गोमती जिले में तीन दिवसीय दिवाली उत्सव आयोजित होगा।
देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्मीद; महिला श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर होने का अनुमान।
उद्घाटन रविवार की शाम को मुख्यमंत्री माणिक साहा करेंगे; ड्रोन शो व रेत-कलाकृति प्रमुख आकर्षण।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे श्रद्धालुओं के लिए रविवार को विशेष ट्रेन चलाएगा।
मंदिर का 'प्रसाद' योजना के तहत ₹54 करोड़ से पुनर्निर्माण हुआ; PM मोदी ने 22 सितंबर 2025 को उद्घाटन किया था।
यह 51 शक्तिपीठों में से एक है, जिसे 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था।

गोमती जिले, त्रिपुरा स्थित 525 साल पुराने ऐतिहासिक माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में तीन दिवसीय दिवाली उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर से 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुँचने की उम्मीद जताई गई है। रविवार की शाम त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा इस उत्सव का उद्घाटन करेंगे। पूर्वोत्तर के सबसे बड़े दिवाली उत्सवों में से एक माने जाने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान

अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में उदयपुर में स्थित यह प्रसिद्ध मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है। इसे 1501 में तत्कालीन त्रिपुरा रियासत के महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, जिन्होंने 1490 से 1515 तक शासन किया। यह तीर्थस्थल सदियों से पूर्वोत्तर भारत की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा है।

उत्सव की प्रमुख तैयारियाँ और आकर्षण

स्थानीय विधायक अभिषेक देबरॉय और गोमती जिले की जिलाधिकारी रिंकू लाथर ने बताया कि इस वार्षिक उत्सव की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। देबरॉय ने कहा कि इस बार उत्सव में महिला श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने की संभावना है।

सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उद्घाटन की शाम एक ड्रोन शो मुख्य आकर्षण होगा। मंदिर परिसर में सरकारी प्रदर्शनी स्टॉल तथा त्रिपुरा की समृद्ध विरासत, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय खान-पान को दर्शाने वाले विशेष थीम-आधारित स्टॉल भी लगाए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, एक कछुए के ऊपर माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर को दर्शाती विशेष रेत-कलाकृति भी प्रदर्शित की जाएगी, जो इस तीर्थस्थल की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जा रही है।

यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा

दिवाली उत्सव के दौरान अनुमानित भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे रविवार को एक विशेष ट्रेन चलाएगा। यह कदम दूरदराज से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

प्रसाद योजना के तहत ₹54 करोड़ का पुनर्निर्माण

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को पुनर्निर्मित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया था और वहाँ पूजा-अर्चना की थी। पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की 'प्रसाद' (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान) योजना के अंतर्गत इस मंदिर का ₹54 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। इसमें केंद्र सरकार ने ₹34.43 करोड़ और त्रिपुरा सरकार ने ₹17.61 करोड़ का योगदान दिया।

यह उत्सव ऐसे समय में हो रहा है जब पुनर्निर्माण के बाद मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो पूर्वोत्तर के धार्मिक पर्यटन को नई गति देने का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वोत्तर में धार्मिक पर्यटन को केंद्र सरकार की 'प्रसाद' योजना से जोड़ने की रणनीति का प्रत्यक्ष प्रतिफल है। ₹54 करोड़ के पुनर्निर्माण के बाद PM मोदी की उपस्थिति में हुए उद्घाटन और अब इस भव्य उत्सव के बीच की कड़ी दर्शाती है कि सरकार पूर्वोत्तर के तीर्थस्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में गंभीर है। हालाँकि, 10 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए बुनियादी ढाँचे — सड़क, स्वच्छता, सुरक्षा — की पर्याप्तता पर स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं जिनका सरकारी बयानों में उल्लेख नहीं मिलता।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर कहाँ स्थित है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
यह मंदिर त्रिपुरा के गोमती जिले में उदयपुर शहर में स्थित है, जो अगरतला से लगभग 64 किलोमीटर दक्षिण में है। यह देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और इसे 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था।
2026 में त्रिपुरा सुंदरी मंदिर दिवाली उत्सव में क्या-क्या होगा?
तीन दिवसीय उत्सव में ड्रोन शो, रेत-कलाकृति प्रदर्शनी, सरकारी स्टॉल, थीम-आधारित सांस्कृतिक स्टॉल और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की विशेष ट्रेन सेवा शामिल है। उद्घाटन रविवार की शाम मुख्यमंत्री माणिक साहा करेंगे।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के पुनर्निर्माण में कितना खर्च हुआ?
'प्रसाद' योजना के तहत मंदिर का ₹54 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्निर्माण किया गया। इसमें केंद्र सरकार ने ₹34.43 करोड़ और त्रिपुरा सरकार ने ₹17.61 करोड़ का योगदान दिया।
PM मोदी ने त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन कब किया था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को पुनर्निर्मित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया और वहाँ पूजा-अर्चना की थी।
दिवाली उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुविधा क्या होगी?
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे दिवाली पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रविवार को एक विशेष ट्रेन चलाएगा, जिससे दूरदराज से आने वाले तीर्थयात्रियों को सुगम आवाजाही मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले