18 अक्टूबर 2026
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अगरतला-अखाउरा रेल लिंक: त्रिपुरा-बांग्लादेश यात्री ट्रेन सेवा जल्द, NFR ने तेज किया काम

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अगरतला-अखाउरा रेल लिंक: त्रिपुरा-बांग्लादेश यात्री ट्रेन सेवा जल्द, NFR ने तेज किया काम

सारांश

त्रिपुरा और बांग्लादेश को जोड़ने वाली 12.24 किमी लंबी अगरतला-अखाउरा रेलवे लाइन पूर्णता के करीब है। NFR के महाप्रबंधक आशीष बंसल के निरीक्षण और ताज़ा निर्देशों के बाद यात्री सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद, जो एक्ट ईस्ट पॉलिसी को नई रफ़्तार देगी।

मुख्य बातें

NFR के महाप्रबंधक (निर्माण) आशीष बंसल ने 17 अक्टूबर 2026 को अगरतला-अखाउरा रेल परियोजना के लंबित कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
12.24 किमी लंबी रेलवे लाइन में 5.46 किमी भारत में और 6.78 किमी बांग्लादेश में है; परियोजना पूर्णता के करीब।
निश्चिंतपुर (पश्चिमी त्रिपुरा) का अंतरराष्ट्रीय आव्रजन स्टेशन इस रेल लिंक का प्रमुख पड़ाव है।
कुमारघाट-अगरतला खंड में 23 ROB स्वीकृत; 12 पर निर्माण कार्य जारी।
परियोजना भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत पूर्वोत्तर और बांग्लादेश के बीच संपर्क को मज़बूत करेगी।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच यात्री रेल सेवा शीघ्र शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। NFR के महाप्रबंधक (निर्माण) आशीष बंसल ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए, ताकि अगरतला-अखाउरा सीमा पार रेल परियोजना यथाशीघ्र चालू हो सके।

परियोजना की मौजूदा स्थिति

12.24 किलोमीटर लंबी अगरतला-अखाउरा रेलवे लाइन में से 5.46 किमी भारतीय भूभाग पर और 6.78 किमी बांग्लादेशी भूभाग पर है। यह लाइन पश्चिमी त्रिपुरा के निश्चिंतपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय आव्रजन स्टेशन के ज़रिये अखाउरा से जुड़ती है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना पूर्णता के करीब पहुँच चुकी है।

NFR द्वारा क्रियान्वित इस रेल लिंक से पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश के बीच रेल संपर्क में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के तहत एक प्रमुख द्विपक्षीय अवसंरचना पहल है।

महाप्रबंधक का निरीक्षण दौरा

आशीष बंसल ने बदरपुर (दक्षिणी असम) से अगरतला और फिर निश्चिंतपुर व दक्षिणी त्रिपुरा के सब्रूम तक पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान NFR के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठकें भी आयोजित की गईं।

निरीक्षण में निर्माणाधीन पटरियों, पुलों और सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया गया। बंसल ने अधिकारियों को सुरक्षा, गुणवत्ता, समय पर कार्य-पूर्णता और रेलवे संपत्तियों के उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

रोड ओवर ब्रिज और बुनियादी ढाँचा

कुमारघाट-अगरतला खंड में 23 रोड ओवर ब्रिज (ROB) के निर्माण को दूसरे संशोधित अनुमान के तहत मंज़ूरी दी जा चुकी है। इनमें से 12 ROB के लिए ठेके दिए जा चुके हैं और कार्य प्रगति पर है। इन पुलों का उद्देश्य लेवल क्रॉसिंग समाप्त करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और आम जनता की सुविधा में सुधार करना है।

अगरतला-सब्रूम खंड के निरीक्षण में भी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को रेलवे संपत्तियों की विश्वसनीयता और कुशल संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।

एक्ट ईस्ट पॉलिसी और क्षेत्रीय संपर्क

NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा ने त्रिपुरा की अपनी हालिया यात्रा के दौरान निश्चिंतपुर रेलवे स्टेशन का दौरा कर शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अगरतला-अखाउरा परियोजना भारत-बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार रेल कड़ी है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क मज़बूत होने और केंद्र सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

यह परियोजना ऐसे समय में गति पकड़ रही है जब भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक व सांस्कृतिक संबंधों को नए सिरे से मज़बूत करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। अगरतला-अखाउरा लिंक के चालू होने से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने और दोनों देशों के बीच लोगों का आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि सीमा पार परियोजनाओं में द्विपक्षीय समन्वय अक्सर सबसे बड़ी अड़चन बनता है। एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की महत्वाकांक्षा तो बड़ी है, लेकिन ज़मीन पर क्रियान्वयन की रफ़्तार उस महत्वाकांक्षा के अनुरूप नहीं रही। यात्री सेवा की वास्तविक शुरुआत-तिथि की घोषणा ही इस परियोजना की विश्वसनीयता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगरतला-अखाउरा रेल परियोजना क्या है?
यह त्रिपुरा (भारत) और अखाउरा (बांग्लादेश) को जोड़ने वाली 12.24 किलोमीटर लंबी सीमा पार रेलवे लाइन है, जिसमें 5.46 किमी भारत में और 6.78 किमी बांग्लादेश में पड़ता है। यह लाइन निश्चिंतपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय आव्रजन स्टेशन से होकर गुज़रती है और पूर्वोत्तर भारत तथा बांग्लादेश के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगी।
त्रिपुरा-बांग्लादेश यात्री ट्रेन सेवा कब शुरू होगी?
सटीक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन NFR के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने 17 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों को लंबित कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूर्णता के करीब है।
इस रेल लिंक से किसे फायदा होगा?
इस परियोजना से त्रिपुरा और पूर्वोत्तर भारत के निवासियों को बांग्लादेश तक सीधी रेल पहुँच मिलेगी, जिससे यात्रा समय और लागत दोनों में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा यह दोनों देशों के बीच व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगी।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी में इस परियोजना का क्या महत्व है?
अगरतला-अखाउरा रेल लिंक भारत सरकार की एक्ट ईस्ट पॉलिसी की एक प्रमुख अवसंरचना पहल है, जिसका लक्ष्य पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ना है। बांग्लादेश के रास्ते बेहतर कनेक्टिविटी से पूर्वोत्तर राज्यों का आर्थिक एकीकरण मज़बूत होने की उम्मीद है।
कुमारघाट-अगरतला खंड में रोड ओवर ब्रिज का क्या हाल है?
दूसरे संशोधित अनुमान के तहत इस खंड में कुल 23 रोड ओवर ब्रिज (ROB) स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 12 ROB के लिए ठेके दिए जा चुके हैं और निर्माण कार्य जारी है। इन पुलों का मकसद लेवल क्रॉसिंग हटाकर सड़क सुरक्षा और यातायात प्रवाह में सुधार लाना है।
राष्ट्र प्रेस
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