अगरतला रेलवे स्टेशन का ₹48 करोड़ से कायाकल्प, 10 दिनों में अगरतला-करीमगंज मेमू सेवा शुरू होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
अगरतला रेलवे स्टेशन का ₹48 करोड़ की लागत से आमूलचूल पुनर्विकास किया जाएगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस पहले चरण के कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है और पूरा प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही अगले 10 दिनों के भीतर अगरतला और दक्षिणी असम के करीमगंज के बीच नई मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू होने की संभावना है।
मुख्य घटनाक्रम
नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ त्रिपुरा में लुमडिंग डिवीजन के तहत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का दो दिवसीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ट्रैक की स्थिति, यात्री सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्रीवास्तव ने अगरतला कोचिंग डिपो और रनिंग रूम का भी मुआयना किया, जहाँ कोच रखरखाव, स्वच्छता, सुरक्षा नियमों के पालन और क्रू सदस्यों की सुविधाओं का आकलन किया गया।
स्टेशन पुनर्विकास में क्या होगा नया
नए रूप में तैयार होने वाले अगरतला रेलवे स्टेशन में स्टेशन परिसर के मध्य में तीन मंजिला स्टेशन बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसमें कमर्शियल स्पेस, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, आधुनिक रिटायरिंग रूम, कम कीमत वाले स्लीपिंग पॉड्स, बेहतर पार्किंग और सुनियोजित सर्कुलेटिंग एरिया शामिल होंगे।
श्रीवास्तव के अनुसार, जर्जर हालत में मौजूद 3 रिटायरिंग रूम की जगह 8 से 10 आधुनिक कमरे बनाए जाएंगे, जिससे त्रिपुरा में अल्पकालिक प्रवास करने वाले पर्यटकों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। भविष्य में यातायात बढ़ने पर प्लेटफॉर्म की संख्या मौजूदा 3 से बढ़ाकर 5 किए जाने की भी संभावना जताई गई है।
मेमू सेवा और रेल कनेक्टिविटी
प्रस्तावित अगरतला-करीमगंज मेमू सेवा सप्ताह में 6 दिन संचालित होगी और यह NFR जोन की पहली मेमू सेवा होगी। इससे त्रिपुरा और असम दोनों राज्यों के नियमित यात्रियों को राहत मिलेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब 2016 में अगरतला में ब्रॉड-गेज सेवाओं की शुरुआत के बाद से त्रिपुरा में रेल संपर्क में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। अगरतला-अखौरा (बांग्लादेश) अंतरराष्ट्रीय रेल लिंक, नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस और प्रस्तावित वंदे भारत सेवा जैसी पहल इस कनेक्टिविटी को और मजबूत कर रही हैं।
अन्य विकास परियोजनाएँ
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तरी त्रिपुरा के कुमारघाट और गोमती जिले के उदयपुर में पुनर्विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं और इनके सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सेकेरकोट में रेलवे, लोक निर्माण विभाग (PWD) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) से जुड़े विकास कार्य अगस्त 2026 के अंत तक पूरे होने की संभावना है। इसके अलावा एक नए पेट्रोलियम टर्मिनल साइडिंग का निर्माण भी जारी है, जिससे राज्य की ईंधन भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी और 30 दिनों तक का रिजर्व स्टॉक रखा जा सकेगा।
श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के अंत तक सभी शेष ICF कोच को अधिक सुरक्षित और आधुनिक LHB कोच से बदल दिया जाएगा। NFR नेटवर्क में 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और पूर्ण विद्युत ट्रेन परिचालन से पहले आवश्यक प्रशिक्षण एवं परिचालन तैयारी चल रही है।
क्या होगा आगे
NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि भारी वर्षा और दुर्गम भूभाग के कारण त्रिपुरा में सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रेन परिचालन के लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण यात्री सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा मानकों पर NFR की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्वोत्तर में रेलवे के इस तेज विस्तार से त्रिपुरा के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।