जम्मू-कश्मीर में डोडा: एकीकृत बागवानी विकास मिशन से किसानों को मिली नई जानकारियाँ

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जम्मू-कश्मीर में डोडा: एकीकृत बागवानी विकास मिशन से किसानों को मिली नई जानकारियाँ

सारांश

डोडा में आयोजित 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' सम्मेलन ने किसानों को आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम से किसानों के लिए नई संभावनाएँ खुल रही हैं।

मुख्य बातें

केंद्र प्रायोजित योजना है एमआईडीएच।
किसानों को वित्तीय सहायता मिलती है।
जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं को बढ़ावा दिया जाता है।
डोडा में सभी किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

डोडा, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के डोडा में सोमवार को कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग द्वारा 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' (एमआईडीएच) के तहत दो दिवसीय सम्मेलन-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित है, जिसका उद्देश्य डोडा के किसानों की सहायता करना है।

एमआईडीएच योजना के अंतर्गत किसानों को फल, सब्जियां, मशरूम, मसाले और फूल उगाने के लिए वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान की जाती है। कार्यक्रम का मुख्य विषय था, "जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं और बेहतर कृषि उत्पादकता के माध्यम से सतत कृषि को सुदृढ़ बनाना" और यह डोडा के कम्युनिटी हॉल में आयोजित किया गया।

यह जागरूकता कार्यक्रम डोडा जिले के सभी किसानों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें उन्हें केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

किसान बशारत अली मलिक ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि वे सरकार द्वारा बनाई गई विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं 2006 से कृषि कार्य में हूँ और अपनी खेती से सालाना 5 से 6 लाख रुपये कमाता हूँ। साथ ही, हमें विभाग से भी सब्सिडी मिल रही है।"

यह योजना नर्सरी, पॉली-हाउस, बागों के विस्तार और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन से जुड़े परियोजनाओं की लागत का 60 प्रतिशत (पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों में 90 प्रतिशत) वहन करती है। मैं सरकार और कृषि विभाग को धन्यवाद देना चाहता हूँ। विभागीय अधिकारी किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हैं और लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।

डोडा के मशरूम विकास अधिकारी सुशील रतन शर्मा ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी योजनाएँ, चाहे वे केंद्र सरकार की हों या केंद्र शासित प्रदेश की, सभी किसानों तक पहुँचें। डोडा में, हम केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एमआईडी योजनाओं के तहत किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं, और हम इन कार्यक्रमों के तहत उपलब्ध सभी लाभों और पहलों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एमआईडीएच एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो किसानों को फल, सब्जियां, मशरूम, मसाले और फूल उगाने के लिए वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़ता है। यह पहल न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकीकृत बागवानी विकास मिशन क्या है?
यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो किसानों को फल, सब्जियां, मशरूम और फूल उगाने के लिए सब्सिडी प्रदान करती है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जलवायु-स्मार्ट प्रथाओं के माध्यम से सतत कृषि को सुदृढ़ बनाना है।
किसानों को इस योजना से क्या लाभ होगा?
किसान इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।
क्या यह योजना सभी किसानों के लिए है?
हाँ, यह कार्यक्रम डोडा जिले के सभी किसानों के लिए खुला है।
इस योजना का पंजीकरण कैसे किया जा सकता है?
किसान केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं के तहत पंजीकरण करवा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस