दिल्ली सरकार के लिए प्रेरणा स्रोत: डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर श्रद्धांजलि।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का अंबेडकर मेमोरियल में नमन।
- बाबासाहेब का संविधान भारत की आत्मा है।
- दिल्ली सरकार समानता और न्याय पर केंद्रित है।
- अरुण सिंह का बाबासाहेब के विचारों पर प्रकाश।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस विशेष अवसर पर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंबेडकर मेमोरियल जाकर बाबासाहेब को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर भारतीय लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिनके योगदान से आज भारत में लोकतंत्र की मजबूत नींव स्थापित है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि बाबासाहेब द्वारा प्रदान किया गया संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने बताया कि भारत का हर नागरिक बाबासाहेब को सदियों तक याद करेगा, क्योंकि उन्होंने जो समानता, न्याय और अधिकारों की नींव रखी, उसी पर आज पूरा देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार बाबासाहेब के मार्गदर्शन में काम कर रही है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
रेखा गुप्ता ने मीडिया से चर्चा में बताया कि सरकार लगातार ऐसी नीतियां बना रही है जिससे हर व्यक्ति का जीवन सम्मानपूर्वक और बेहतर हो सके। उनका कहना था कि बाबासाहेब ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय की बात की और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज उन्हें गर्व है कि उन्हें बाबासाहेब के चरणों में नमन करने का अवसर मिला।
भाजपा सांसद अरुण सिंह ने भी बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब न केवल संविधान के निर्माणकर्ता हैं, बल्कि उनके विचार आज भी हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबासाहेब से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थलों का विकास किया गया है और उनके सम्मान में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
अरुण सिंह ने यह भी कहा कि संविधान दिवस पर विशेष चर्चा और कार्यक्रम आयोजित करना बाबासाहेब के प्रति सम्मान का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आज सभी लोग यह संकल्प लेते हैं कि वे बाबासाहेब के बताए रास्ते पर चलेंगे और संविधान का पूरी ईमानदारी से पालन करेंगे।