डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर गडकरी, भजन लाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत की श्वेत क्रांति के जनक एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वर्गीज कुरियन की 9 सितंबर को पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने उनके अतुलनीय योगदान को याद किया, जिसने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाया।
नेताओं की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत में श्वेत क्रांति के जनक पद्म विभूषण वर्गीज कुरियन के स्मृति दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा कि डॉ. कुरियन की दूरदृष्टि और कर्मठता ने दुग्ध क्षेत्र को नई दिशा दी तथा लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों के जीवन में समृद्धि के नए अवसर खोले।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'श्वेत क्रांति के जनक एवं 'मिल्क मैन ऑफ इंडिया' के नाम से विख्यात, पद्म विभूषण व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित, डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! देश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने में उनका युगांतरकारी योगदान सदैव अविस्मरणीय और प्रेरणादायक रहेगा।'
सांसद एवं अभिनेता रवि किशन ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. कुरियन के नेतृत्व में शुरू हुई श्वेत क्रांति ने न केवल भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि अमूल जैसी सहकारी संस्था की स्थापना कर डॉ. कुरियन ने किसानों को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा कि सहकारिता की शक्ति से देश के करोड़ों किसानों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में डॉ. कुरियन का योगदान ऐतिहासिक है।
डॉ. कुरियन का जीवन परिचय
26 सितंबर 1921 को जन्मे डॉ. वर्गीज कुरियन को 'मिलमैन ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने गुजरात के आणंद में 'कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ' की बागडोर संभाली, जिसे आज पूरा देश अमूल ब्रांड के रूप में पहचानता है। यह ऐसे समय में आया जब भारत दूध की भारी कमी से जूझ रहा था और लाखों किसान आर्थिक दुश्वारियों का सामना कर रहे थे।
गौरतलब है कि 1970 में डॉ. कुरियन ने 'ऑपरेशन फ्लड' की शुरुआत की, जो दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम बना। इस कार्यक्रम ने भारत को दूध की कमी वाले देश से निकालकर विश्व के शीर्ष दुग्ध उत्पादक देश की श्रेणी में खड़ा कर दिया।
पुरस्कार और सम्मान
डॉ. कुरियन को भारत सरकार ने पद्म विभूषण से नवाज़ा। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनकी सहकारिता-आधारित दृष्टि आज भी ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।
विरासत और आगे का रास्ता
डॉ. कुरियन का 9 सितंबर 2012 को निधन हुआ था। उनकी स्थापित की गई सहकारी व्यवस्था आज भी करोड़ों किसानों की आजीविका का आधार है। अमूल ब्रांड वैश्विक स्तर पर भारतीय डेयरी उद्योग की पहचान बन चुका है और डॉ. कुरियन की विरासत को आगे बढ़ाने का काम निरंतर जारी है।