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डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर गडकरी, भजन लाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर गडकरी, भजन लाल समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर नितिन गडकरी, भजन लाल शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। 1970 में शुरू किए 'ऑपरेशन फ्लड' से उन्होंने भारत को दुनिया का नंबर-1 दूध उत्पादक देश बनाया।

मुख्य बातें

वर्गीज कुरियन की 9 सितंबर को पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा , UP उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और सांसद रवि किशन ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
कुरियन का जन्म 26 सितंबर 1921 को हुआ था और निधन 9 सितंबर 2012 को।
1970 में शुरू किए 'ऑपरेशन फ्लड' ने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाया।
उन्होंने गुजरात के आणंद में अमूल सहकारी संस्था की नींव रखी।
कुरियन को पद्म विभूषण और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

भारत की श्वेत क्रांति के जनक एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वर्गीज कुरियन की 9 सितंबर को पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने उनके अतुलनीय योगदान को याद किया, जिसने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाया।

नेताओं की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत में श्वेत क्रांति के जनक पद्म विभूषण वर्गीज कुरियन के स्मृति दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर लिखा कि डॉ. कुरियन की दूरदृष्टि और कर्मठता ने दुग्ध क्षेत्र को नई दिशा दी तथा लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों के जीवन में समृद्धि के नए अवसर खोले।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'श्वेत क्रांति के जनक एवं 'मिल्क मैन ऑफ इंडिया' के नाम से विख्यात, पद्म विभूषण व रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित, डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! देश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने में उनका युगांतरकारी योगदान सदैव अविस्मरणीय और प्रेरणादायक रहेगा।'

सांसद एवं अभिनेता रवि किशन ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. कुरियन के नेतृत्व में शुरू हुई श्वेत क्रांति ने न केवल भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि अमूल जैसी सहकारी संस्था की स्थापना कर डॉ. कुरियन ने किसानों को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा कि सहकारिता की शक्ति से देश के करोड़ों किसानों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में डॉ. कुरियन का योगदान ऐतिहासिक है।

डॉ. कुरियन का जीवन परिचय

26 सितंबर 1921 को जन्मे डॉ. वर्गीज कुरियन को 'मिलमैन ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने गुजरात के आणंद में 'कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ' की बागडोर संभाली, जिसे आज पूरा देश अमूल ब्रांड के रूप में पहचानता है। यह ऐसे समय में आया जब भारत दूध की भारी कमी से जूझ रहा था और लाखों किसान आर्थिक दुश्वारियों का सामना कर रहे थे।

गौरतलब है कि 1970 में डॉ. कुरियन ने 'ऑपरेशन फ्लड' की शुरुआत की, जो दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम बना। इस कार्यक्रम ने भारत को दूध की कमी वाले देश से निकालकर विश्व के शीर्ष दुग्ध उत्पादक देश की श्रेणी में खड़ा कर दिया।

पुरस्कार और सम्मान

डॉ. कुरियन को भारत सरकार ने पद्म विभूषण से नवाज़ा। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनकी सहकारिता-आधारित दृष्टि आज भी ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।

विरासत और आगे का रास्ता

डॉ. कुरियन का 9 सितंबर 2012 को निधन हुआ था। उनकी स्थापित की गई सहकारी व्यवस्था आज भी करोड़ों किसानों की आजीविका का आधार है। अमूल ब्रांड वैश्विक स्तर पर भारतीय डेयरी उद्योग की पहचान बन चुका है और डॉ. कुरियन की विरासत को आगे बढ़ाने का काम निरंतर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि उनकी सहकारिता-आधारित दृष्टि को नीतिगत स्तर पर कितना आगे बढ़ाया जा रहा है। अमूल मॉडल की सफलता के बावजूद देश के अधिकांश डेयरी किसान आज भी असंगठित क्षेत्र में हैं और उचित मूल्य से वंचित हैं। 'ऑपरेशन फ्लड' जैसे दूरदर्शी कार्यक्रम की याद दिलाना तब सार्थक होगा जब सरकारें डेयरी सहकारिता को कॉर्पोरेट दबाव से बचाने की ठोस नीति बनाएँ। श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, नीतियों से दी जाती है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. वर्गीज कुरियन कौन थे और उन्हें श्वेत क्रांति का जनक क्यों कहा जाता है?
डॉ. वर्गीज कुरियन भारत के प्रसिद्ध सहकारिता नेता और डेयरी उद्योग के अग्रदूत थे, जिन्होंने 'ऑपरेशन फ्लड' के ज़रिए भारत को दूध की कमी वाले देश से विश्व के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक देश में बदल दिया। इसीलिए उन्हें 'श्वेत क्रांति का जनक' और 'मिलमैन ऑफ इंडिया' कहा जाता है।
डॉ. वर्गीज कुरियन का निधन कब हुआ था?
डॉ. वर्गीज कुरियन का निधन 9 सितंबर 2012 को हुआ था। उनका जन्म 26 सितंबर 1921 को हुआ था।
ऑपरेशन फ्लड क्या था और इसका भारत पर क्या असर पड़ा?
ऑपरेशन फ्लड 1970 में डॉ. कुरियन द्वारा शुरू किया गया दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी विकास कार्यक्रम था। इसने भारत को दूध की कमी से उबारकर विश्व का नंबर-1 दुग्ध उत्पादक देश बनाया और लाखों ग्रामीण किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारी।
अमूल ब्रांड से डॉ. कुरियन का क्या संबंध था?
डॉ. कुरियन ने गुजरात के आणंद में 'कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ' की बागडोर संभाली, जो आज अमूल ब्रांड के नाम से जाना जाता है। उनके नेतृत्व में यह संस्था भारत की सबसे बड़ी और सफल सहकारी डेयरी संस्था बनी।
डॉ. वर्गीज कुरियन को कौन-कौन से पुरस्कार मिले थे?
डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से भी नवाज़ा गया था।
राष्ट्र प्रेस
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