ईडी की बड़ी कार्रवाई: दाऊद के करीबी सलीम डोला गैंग के दो ड्रग तस्कर मुंबई में गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 9 अक्टूबर 2026 को भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित सहयोगी सलीम इस्माइल डोला के नेतृत्व में चल रहे अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया के रूप में की गई है।
गिरफ्तारी का आधार
ईडी ने दोनों आरोपियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। यह जांच मुंबई में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सलीम डोला और अन्य के खिलाफ मादक पदार्थों एवं मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित अपराधों के लिए दर्ज की गई कई प्राथमिकियों (एफआईआर) के आधार पर शुरू की गई थी।
मुख्य घटनाक्रम
ईडी के अनुसार, जांच में एक अत्यंत संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह नेटवर्क रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन (एमडी) के गुप्त निर्माण, मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय परिवहन और वितरण, अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों के जरिए अपराध की आय को छिपाने तथा सहयोगियों व अन्य व्यक्तियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में लिप्त पाया गया है।
ईडी ने बताया कि प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे एमडी (मेफेड्रोन) के गुप्त और अवैध निर्माण तथा इस मादक पदार्थ की बिक्री से प्राप्त धन के उत्पादन, संचालन, कब्जे और आवागमन से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था। इसके अलावा, अवैध रूप से अर्जित धन का उपयोग उसके करीबियों के नाम पर अचल संपत्तियाँ और अन्य परिसंपत्तियाँ खरीदने में किया गया।
अंगड़िया चैनल से फंडिंग
दूसरे आरोपी बृजेश मोराडिया की भूमिका एमडी के निर्माण में प्रयुक्त रसायनों की खरीद और आपूर्ति की व्यवस्था करने की थी। जांच के अनुसार, सलीम डोला से अंगड़िया चैनल के माध्यम से प्राप्त नकदी को मोराडिया और उसके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित कई तृतीय-पक्ष एवं पारिवारिक खातों के जरिए जमा किया गया और फिर बैंकिंग चैनल से विभिन्न रासायनिक कंपनियों को स्थानांतरित किया गया।
इन लेन-देन में शामिल राशि को रसायन की बिक्री से 'कमीशन' के बहाने मोराडिया और उसके सहयोगियों के खातों में प्राप्त किया गया, और बाद में उसे आगे स्थानांतरित, स्तरीकृत और उपयोग किया गया। गौरतलब है कि यह तरीका मनी लॉन्ड्रिंग की 'लेयरिंग' प्रक्रिया का क्लासिक उदाहरण है।
व्यापक संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय एजेंसियाँ दाऊद इब्राहिम से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को उखाड़ फेंकने के प्रयासों को तेज़ कर रही हैं। सलीम डोला को दाऊद के डी-कंपनी का सक्रिय सदस्य माना जाता है और उस पर कई मादक पदार्थ मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। यह ऐसी Nवीं बड़ी ईडी गिरफ्तारी है जो देश में मेफेड्रोन तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
आगे क्या होगा
ईडी के अनुसार, दोनों आरोपियों को कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और उनसे आगे पूछताछ जारी रहेगी। जांच एजेंसी अन्य संपत्तियों की जब्ती और नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान की दिशा में भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।