सीएम फडणवीस की परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर से मुलाकात, विज्ञान-इनोवेशन पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 जुलाई 2026 को मुंबई स्थित अपने सरकारी आवास पर देश के वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर से भेंट की। इस बैठक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इनोवेशन और महाराष्ट्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने जैसे अहम विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर साझा की जानकारी
फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी देते हुए लिखा, 'मुंबई में अपने सरकारी आवास पर वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक और एमकेसीएल के चेयरमैन, 'महाराष्ट्र भूषण' व 'पद्म विभूषण' से सम्मानित डॉ. अनिल काकोडकर से मिलकर और उनसे बातचीत करके बहुत खुशी हुई।' उन्होंने इस भेंट को अपने लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विज्ञान, इनोवेशन और राष्ट्र-निर्माण के प्रति डॉ. काकोडकर का जीवन भर का समर्पण आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उनके अनुभव और दूरदर्शी सोच से सीखने का अवसर पाना गर्व की बात है।
बैठक में किन विषयों पर हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में महाराष्ट्र में विज्ञान शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन देने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने और नई तकनीक के माध्यम से शासन-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। डॉ. काकोडकर ने अपने व्यापक अनुभव और भविष्यदृष्टि के आधार पर कई महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. काकोडकर: भारत के परमाणु कार्यक्रम के स्तंभ
डॉ. अनिल काकोडकर देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित परमाणु वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। वे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के पूर्व निदेशक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। भारत के परमाणु कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। वर्तमान में वे महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (MKCL) के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी सेवाओं के सम्मान में राज्य और केंद्र सरकार ने उन्हें 'महाराष्ट्र भूषण' और 'पद्म विभूषण' जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से अलंकृत किया है। वे विज्ञान को आम जनमानस तक पहुँचाने और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए भी निरंतर सक्रिय हैं।
आगे क्या
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र सरकार राज्य में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करने की दिशा में कई पहलें शुरू कर रही है। गौरतलब है कि डॉ. काकोडकर जैसे विशेषज्ञों की सलाह से राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को वैज्ञानिक आधार मिल सकता है। आने वाले समय में इस चर्चा के ठोस नीतिगत परिणाम सामने आ सकते हैं।