'लॉकअप: सच या सजा' में फराह खान ने हर्षद चोपड़ा को घेरा, बोलीं- 'एक्टिंग बंद करो, खुलकर बोलो'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेता हर्षद चोपड़ा रियलिटी शो 'लॉकअप: सच या सजा' के हालिया एपिसोड में उस वक्त चर्चा के केंद्र में आ गए, जब शो की जेलर फराह खान ने उनकी चुप्पी को सीधे 'एक्टिंग' करार दिया और उन्हें खुलकर बोलने की नसीहत दी। यह पल 23 जुलाई के एपिसोड में क्रैकडाउन टास्क के दौरान सामने आया, जब अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने मुकाबले के लिए हर्षद का नाम लिया।
क्रैकडाउन टास्क में क्या हुआ
एपिसोड में सभी प्रतिभागियों को एरीना में बुलाया गया। नई वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट अपूर्वा मखीजा को यह जिम्मेदारी दी गई कि वह प्रतिभागियों की जोड़ियाँ बनाएँ। नियम यह था कि हर खिलाड़ी उस प्रतिद्वंद्वी को चुने जिसे वह सबसे कमजोर मानता हो। इस फैसले ने घर के भीतर तनाव का माहौल खड़ा कर दिया।
शिवांगी का चुनाव और हर्षद की चुप्पी
जब फराह खान ने शिवांगी जोशी से पूछा कि उन्होंने किसे चुनौती दी है, तो शिवांगी ने कहा — 'हर्षद।' इस फैसले ने सभी को चौंका दिया। शिवांगी ने अपना तर्क स्पष्ट करते हुए कहा, 'अगर मैं उन्हें नहीं चुनती तो वह सीधे जजमेंट डे में चले जाते। अब कम से कम मुकाबला बराबरी का होगा और हम दोनों में से किसी एक को सुरक्षित रहने का मौका मिलेगा।' अभिनेता राम कपूर ने भी हर्षद को समझाया कि शिवांगी का यह कदम दरअसल उनके हक में था।
फराह खान की तीखी टिप्पणी
हर्षद इस पूरे घटनाक्रम के दौरान चुपचाप खड़े रहे। उनकी इस खामोशी पर फराह खान ने तंज कसते हुए कहा, 'हर्षद, अगर आपकी एक्टिंग खत्म हो गई हो तो क्या मैं आपसे एक सवाल पूछ सकती हूँ? आखिर हो क्या रहा है? आप ऐसे क्यों व्यवहार कर रहे हैं? अपनी बात मन में मत रखिए, खुलकर बोलिए।' फराह की इस सीधी नसीहत के बाद हर्षद ने अपनी चुप्पी तोड़ी।
हर्षद का जवाब
हर्षद ने सफाई देते हुए कहा कि वह सिर्फ यह सोच रहे थे कि आगे गेम कैसे खेलना है। फराह ने मजाकिया लहजे में पूछा, 'क्या आप जानबूझकर हारने के बारे में सोच रहे थे?' इस पर हर्षद ने तत्काल जवाब दिया — 'नहीं। शिवांगी इतनी मजबूत खिलाड़ी हैं कि वह मुझे हरा सकती हैं।'
शो में हर्षद की भूमिका
हर्षद चोपड़ा अपनी टीवी पहचान के चलते 'लॉकअप: सच या सजा' में शुरू से दर्शकों की नजर में रहे हैं। यह शो अपने तीखे टास्क और जेलर फराह खान की बेबाक टिप्पणियों के लिए जाना जाता है। इस एपिसोड ने एक बार फिर साबित किया कि शो में भावनात्मक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर खेल बराबर तेज है।