फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल: स्पेन की जीत के बाद मैदान पर भिड़े पेरेडेस-मोलिना, अर्जेंटीना की बदतमीजी से विश्व हैरान
सारांश
मुख्य बातें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व चैंपियन का ताज पहना, लेकिन मैच की अंतिम सीटी बजते ही मैदान पर जो दृश्य सामने आए, वे पूरे फुटबॉल जगत को स्तब्ध कर गए। 20 जुलाई 2026 को खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले के बाद अर्जेंटीना के कई खिलाड़ियों ने मैदान पर मारपीट और अनुचित आचरण कर विवाद को जन्म दिया।
मैदान पर हुई मारपीट का पूरा घटनाक्रम
फाइनल विसल बजने के तुरंत बाद अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना ने स्पेन के एक खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। इसके साथ ही मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर उन्हें धक्का देते दिखे, जिसके बाद अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी को बीच-बचाव करना पड़ा।
गार्सिया के साथ हुई झड़प के अलावा, पेरेडेस ने गावी को जमीन पर गिरा दिया, उनके चेहरे पर हाथ रखकर धक्का दिया और कथित तौर पर 21 वर्षीय बार्सिलोना मिडफील्डर की ओर अपना बूट भी मारा। उसी समय मोलिना ने स्पेनिश कप्तान रोड्री पर मुक्का चलाने की कोशिश की, जिसके जवाब में रोड्री गुस्से में मोलिना के सामने आ गए।
विशेषज्ञों और दिग्गजों की प्रतिक्रिया
इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एलन शियरर ने 'बीबीसी' पर कहा, 'पेरेडेस ने किसी के चेहरे पर दो-तीन जोरदार मुक्के मारे। वह उन पर हमला करने के इरादे से गए थे। ऐसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं है। हम जानते हैं कि यह उनके लिए कितना मायने रखता है और हारना कितना दुखद होता है, लेकिन हारने का भी एक तरीका होता है। हमने अर्जेंटीना की ओर से ऐसा कई बार देखा है। फाइनल विसल के बाद का उनका रिएक्शन बहुत बुरा है।'
इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी स्टुअर्ट पियर्स ने भी अर्जेंटीना के व्यवहार की आलोचना की। रिपोर्टों के अनुसार, पियर्स ने कहा, 'जब स्पेन अपनी ट्रॉफी उठाने वाला था, तो अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी ट्रॉफी उठाने के समारोह की तरफ पीठ करके खड़े हो गए थे।'
पुरस्कार समारोह में अर्जेंटीना का अनुचित आचरण
मारपीट के अलावा, अर्जेंटीना पर एक और शर्मनाक हरकत का आरोप लगा। जब विश्व चैंपियन स्पेनिश खिलाड़ी अपने वर्ल्ड कप मेडल और ट्रॉफी ग्रहण कर रहे थे, तब अर्जेंटीना के खिलाड़ी उनकी ओर पीठ करके खड़े हो गए। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उपस्थिति में हुए इस समारोह के दौरान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का यह व्यवहार खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।
फुटबॉल जगत पर असर और आगे की कार्रवाई
यह घटना ऐसे समय में आई है जब फीफा खेल में अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए सख्त नीतियाँ लागू करने की कोशिश में है। आलोचकों का कहना है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ियों का यह आचरण अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की छवि को नुकसान पहुँचाता है। अब यह देखना होगा कि फीफा इस मामले में पेरेडेस और मोलिना के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कदम उठाता है।