हावड़ा के अंडुल में भीषण आग: 72 वर्षीय महिला की मौत, 12 लोग बचाए गए, 5 दमकल गाड़ियां तैनात
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अंडुल इलाके में स्थित मौरीग्राम में बुधवार, 26 अगस्त 2026 की दोपहर एक तीन मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 72 वर्षीया गोपा चक्रवर्ती की मौत हो गई और 12 अन्य निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की पाँच गाड़ियाँ मौके पर तैनात की गईं।
मुख्य घटनाक्रम
दमकल विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, आग सबसे पहले इमारत की दूसरी मंजिल के किचन में भड़की और देखते-देखते पूरी मंजिल में फैल गई। बाद में आग निचली मंजिलों तक भी पहुँच गई। शुरुआती जाँच में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है, हालाँकि अधिकारियों ने पुष्टि की जाँच जारी रखी है।
इमारत में काला घना धुआँ भर गया, जिससे दम घुटने जैसे हालात बन गए और कई लोग अलग-अलग मंजिलों पर फँस गए। निवासियों और दमकल कर्मियों ने मिलकर फँसे हुए लोगों को बाहर निकाला। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
मृतक की पहचान और बचाव अभियान
मृतका की पहचान गोपा चक्रवर्ती (72) के रूप में हुई है। बचाए गए 12 लोगों में से कुछ को धुएँ के कारण साँस लेने में तकलीफ हुई और उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया। दमकल विभाग के सूत्रों के मुताबिक, इमारत में आग बुझाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे बचाव कार्य में अतिरिक्त कठिनाई आई।
आग बुझाने की कार्रवाई
मौके पर पहुँची पाँच दमकल गाड़ियों के दल ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद भी दमकल अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए इमारत की जाँच करते रहे कि कहीं कोई सुलगती हुई आग बाकी न रह गई हो।
व्यापक संदर्भ: कोलकाता में आगजनी की बढ़ती घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले मध्य कोलकाता की फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित एक होटल में लगी आग में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि उस त्रासदी का असर अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि हावड़ा में यह नई घटना सामने आ गई। इससे पश्चिम बंगाल में रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या
दमकल विभाग आग के सटीक कारण की जाँच कर रहा है। बचाए गए लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमारतों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा प्रणाली न होना इस तरह की घटनाओं में जनहानि को बढ़ाता है।