स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले दिल्ली के 5 स्थानों पर बम की धमकी, IGI एयरपोर्ट T3 भी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उस समय हड़कंप मच गया जब पाँच अलग-अलग स्थानों पर बम विस्फोट की धमकी भरे कॉल आए। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों ने बताया कि इन कॉलों के तुरंत बाद सभी स्थानों पर दमकल गाड़ियाँ और सुरक्षा दल रवाना किए गए। प्रारंभिक जाँच में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है।
किन स्थानों को मिली धमकी
DFS के अनुसार, धमकी भरे कॉल जिन पाँच स्थानों को लक्ष्य बनाकर आए, वे हैं — जामनगर हाउस, झंडेवालान फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, साकेत स्थित ज़िला मजिस्ट्रेट कार्यालय, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल 3 (T3) और दिल्ली कैंट का SDM कार्यालय। इनमें से IGI हवाई अड्डे का T3 टर्मिनल विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यहाँ यात्री आवाजाही चरम पर होती है।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते (BDS) और दमकल विभाग की टीमें सभी पाँचों स्थानों पर पहुँचीं और गहन तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान अब तक कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है और स्थिति नियंत्रण में है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियाँ
यह ऐसी पहली घटना नहीं है। 3 अगस्त को दिल्ली के मेयर कार्यालय को एक ईमेल मिला था जिसमें 15 अगस्त को लाल किले पर कई बम विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। उस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के आसपास के पूरे इलाके की छानबीन की थी और सुरक्षा बंदोबस्त कड़े किए गए थे।
इससे भी पहले 11 जुलाई को लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, वह धमकी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में आए एक फोन कॉल से शुरू हुई थी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि ऐतिहासिक स्मारक को उड़ा दिया जाएगा। मुंबई पुलिस ने तत्काल दिल्ली पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस को अलर्ट किया गया। व्यापक जाँच के बाद वह धमकी झूठी साबित हुई थी।
आम जनता और सुरक्षा पर असर
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस तरह की धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ाती हैं। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हैं, जिसके मद्देनज़र राजधानी में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। इस वर्ष बार-बार मिल रही धमकियों के कारण सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस इन कॉलों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पिछले अनुभवों के आधार पर जाँच एजेंसियाँ कॉल ट्रेसिंग और साइबर फॉरेंसिक का सहारा ले सकती हैं। 15 अगस्त को होने वाले मुख्य समारोह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद की जा रही है।