लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी: दिल्ली मेयर ऑफिस को ईमेल, स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 3 अगस्त 2026 को सुरक्षा एजेंसियाँ उस वक्त हरकत में आ गईं जब दिल्ली के मेयर कार्यालय को एक ईमेल के ज़रिए 15 अगस्त को लाल किले पर कई बम धमाके करने की धमकी मिली। अलर्ट मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा बलों ने स्मारक और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र की व्यापक तलाशी शुरू कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
मेयर कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल दिल्ली पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाकर्मी, बम निरोधक विशेषज्ञ और खुफिया टीमें लाल किले पहुँचीं और पूरे परिसर की बारीकी से जाँच की। घंटों की तलाशी के बाद अधिकारियों को कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और धमकी को झूठी करार दिया गया।
ईमेल भेजने वाले की तलाश
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जाँचकर्ता ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि धमकी की सूचना मिलते ही इलाके की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से बढ़ा दी गई।
पहले भी मिल चुकी है ऐसी धमकी
यह ऐसी पहली घटना नहीं है। 11 जुलाई को भी लाल किले को निशाना बनाकर बम की धमकी दी गई थी, जिसके बाद व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया गया था। उस मामले में धमकी मुंबई पुलिस नियंत्रण कक्ष में आए एक फोन कॉल से जुड़ी थी, जिसमें कॉलर ने दावा किया था कि लाल किले को उड़ा दिया जाएगा। मुंबई पुलिस ने तुरंत यह जानकारी दिल्ली पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी, जिसने नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस को सुरक्षा उपाय शुरू करने के लिए अलर्ट किया था। उस बार भी गहन तलाशी के बाद धमकी झूठी साबित हुई थी।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों पर असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे, जब भारत अपना 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब समारोह की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इस बीच सरकार ने नागरिकों से प्रधानमंत्री के आगामी स्वतंत्रता दिवस संबोधन के लिए अपने विचार और नीतिगत सुझाव माईगव पोर्टल पर 12 अगस्त तक साझा करने को कहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, 15 अगस्त के मद्देनज़र लाल किले और उसके आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतज़ाम किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह की धमकियाँ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की परीक्षा लेती हैं और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।