जितिया पर्व पर त्रासदी: पूर्वी चंपारण के बनकट गांव में तालाब डूबने से चार बच्चियों की मौत
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट गांव में शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को जितिया पर्व के अवसर पर स्नान के लिए तालाब गईं चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। एक अधिकारी के अनुसार, बच्चियाँ तालाब के गहरे हिस्से में कथित तौर पर चली गईं, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पर्व के दौरान गांव की कई महिलाएँ और बच्चियाँ स्नान के लिए स्थानीय तालाब पर एकत्रित हुई थीं। इसी बीच, चारों बच्चियाँ कथित तौर पर तालाब के गहरे क्षेत्र में पहुँच गईं और डूबने लगीं। कुछ समय बाद जब वे दिखाई नहीं दीं तो ग्रामीणों ने हंगामा मचाया और बड़ी संख्या में लोग तालाब के किनारे जमा हो गए।
स्थानीय लोगों ने तत्काल तालाब में उतरकर बच्चियों को खोजा और चारों को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत पहाड़पुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
मृत बच्चियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृत बच्चियों की पहचान इस प्रकार हुई है: प्रमोद महतो की 13 वर्षीया बेटी सोनामती, प्रमोद महतो की ही 10 वर्षीया बेटी फूलमती, वीरेंद्र महतो की 10 वर्षीया बेटी सोनाली कुमारी, और अच्छेलाल पासवान की 12 वर्षीया बेटी प्रतिमा कुमारी।
गौरतलब है कि सुबह पर्व की खुशियों में डूबा यह गांव दोपहर होते-होते गहरे शोक में डूब गया। चारों परिवारों के साथ-साथ अन्य ग्रामीण भी सदमे की स्थिति में हैं।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और निरीक्षण किया। पुलिस ने मृत बच्चियों के परिजनों और स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली। चारों शव पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी या मामला दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों की माँग और प्रशासन की पहल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की माँग की है। उन्होंने तालाब के गहरे और खतरनाक हिस्सों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने तथा बैरिकेडिंग करने की माँग रखी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएँ न हों।
इस बीच, पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने मृत बच्चियों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पर्व-त्योहारों के दौरान जलाशयों पर भीड़ और सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।