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जितिया पर्व पर त्रासदी: पूर्वी चंपारण के बनकट गांव में तालाब डूबने से चार बच्चियों की मौत

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जितिया पर्व पर त्रासदी: पूर्वी चंपारण के बनकट गांव में तालाब डूबने से चार बच्चियों की मौत

सारांश

जितिया पर्व की खुशियाँ बिहार के बनकट गांव में मातम में बदल गईं — स्नान के लिए गई चार बच्चियाँ तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं और डूब गईं। उम्र 10 से 13 साल के बीच, चारों को मृत घोषित किया गया। यह हादसा पर्व-स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को एक बार फिर उजागर करता है।

मुख्य बातें

पूर्वी चंपारण के बनकट गांव में जितिया पर्व के दौरान चार बच्चियाँ तालाब में डूबीं।
मृत बच्चियों की उम्र 10 से 13 वर्ष के बीच; पहचान सोनामती , फूलमती , सोनाली कुमारी और प्रतिमा कुमारी के रूप में हुई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पहाड़पुर में चारों को मृत घोषित किया गया।
शव पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेजे गए; पुलिस कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
जिला प्रशासन ने मुआवजा प्रक्रिया शुरू की; ग्रामीणों ने तालाब पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग की माँग की।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट गांव में शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2025 को जितिया पर्व के अवसर पर स्नान के लिए तालाब गईं चार बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। एक अधिकारी के अनुसार, बच्चियाँ तालाब के गहरे हिस्से में कथित तौर पर चली गईं, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

पर्व के दौरान गांव की कई महिलाएँ और बच्चियाँ स्नान के लिए स्थानीय तालाब पर एकत्रित हुई थीं। इसी बीच, चारों बच्चियाँ कथित तौर पर तालाब के गहरे क्षेत्र में पहुँच गईं और डूबने लगीं। कुछ समय बाद जब वे दिखाई नहीं दीं तो ग्रामीणों ने हंगामा मचाया और बड़ी संख्या में लोग तालाब के किनारे जमा हो गए।

स्थानीय लोगों ने तत्काल तालाब में उतरकर बच्चियों को खोजा और चारों को पानी से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत पहाड़पुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

मृत बच्चियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, मृत बच्चियों की पहचान इस प्रकार हुई है: प्रमोद महतो की 13 वर्षीया बेटी सोनामती, प्रमोद महतो की ही 10 वर्षीया बेटी फूलमती, वीरेंद्र महतो की 10 वर्षीया बेटी सोनाली कुमारी, और अच्छेलाल पासवान की 12 वर्षीया बेटी प्रतिमा कुमारी।

गौरतलब है कि सुबह पर्व की खुशियों में डूबा यह गांव दोपहर होते-होते गहरे शोक में डूब गया। चारों परिवारों के साथ-साथ अन्य ग्रामीण भी सदमे की स्थिति में हैं।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पहाड़पुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और निरीक्षण किया। पुलिस ने मृत बच्चियों के परिजनों और स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली। चारों शव पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी या मामला दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रामीणों की माँग और प्रशासन की पहल

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की माँग की है। उन्होंने तालाब के गहरे और खतरनाक हिस्सों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने तथा बैरिकेडिंग करने की माँग रखी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएँ न हों।

इस बीच, पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने मृत बच्चियों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पर्व-त्योहारों के दौरान जलाशयों पर भीड़ और सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अगले पर्व तक भूल जाती है। चार बच्चियों की मौत यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या जिला प्रशासन ने इस बार पर्व से पहले किसी सार्वजनिक जलाशय पर कोई एहतियाती कदम उठाया था — और यदि नहीं, तो मुआवजा देना पर्याप्त नहीं, जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वी चंपारण में जितिया पर्व के दौरान क्या हुआ?
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बनकट गांव में जितिया पर्व के दौरान तालाब में स्नान के लिए गई चार बच्चियाँ तालाब के गहरे हिस्से में चली गईं और डूब गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पहाड़पुर में चारों को मृत घोषित किया गया।
डूबने वाली बच्चियों की पहचान क्या है?
मृत बच्चियाँ हैं — प्रमोद महतो की 13 वर्षीया बेटी सोनामती, प्रमोद महतो की 10 वर्षीया बेटी फूलमती, वीरेंद्र महतो की 10 वर्षीया बेटी सोनाली कुमारी, और अच्छेलाल पासवान की 12 वर्षीया बेटी प्रतिमा कुमारी। सभी बनकट गांव की निवासी थीं।
पुलिस ने घटना के बाद क्या कार्रवाई की?
पहाड़पुर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की और चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया। पुलिस के अनुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ग्रामीणों ने इस हादसे के बाद क्या माँगें उठाई हैं?
ग्रामीणों ने तालाब के गहरे और खतरनाक हिस्सों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने और बैरिकेडिंग करने की माँग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ टाली जा सकें। उन्होंने तालाब पर समग्र सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की भी अपील की है।
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए क्या कदम उठाए?
पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने मृत बच्चियों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुआवजे की राशि और समयसीमा के बारे में प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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