पश्चिम चंपारण: पिता ने तीन मासूम बच्चों को नहर में फेंका, तीनों की मौत; आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र में मंगलवार, 23 जून को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब भंगहा गांव निवासी रामबाबू यादव ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के बाद अपनी पत्नी और तीन छोटे बच्चों को तिरहुत नहर की सुगौली शाखा में धकेल दिया। पत्नी ललिता देवी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहीं, लेकिन तीनों बच्चों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद से फरार है।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी
पुलिस को दी गई ललिता देवी की शिकायत के अनुसार, रामबाबू यादव लंबे समय से पत्नी के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। मंगलवार की सुबह दोनों के बीच पुनः विवाद हुआ, जिसके बाद ललिता देवी ने मायके जाने की बात कही। इससे रामबाबू और अधिक आक्रोशित हो गया।
इसके बाद आरोपी ने जबरन पत्नी और तीनों बच्चों को घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नहर के किनारे ले गया। सुनसान स्थान पर उसने पहले ललिता देवी को नहर में धक्का दिया। नहर में चार से पाँच फीट पानी होने के बावजूद वे किसी तरह खुद को संभालने में सफल रहीं।
तीन बच्चों की मौत
पुलिस के बयान के अनुसार, इसके बाद आरोपी ने अपने तीनों बच्चों को एक-एक कर नहर की तेज धारा में फेंक दिया। मृतकों में छह वर्षीय बच्ची, चार वर्षीय बच्चा और एक करीब पाँच महीने की दुधमुंही बच्ची शामिल हैं। करीब तीन घंटे के राहत और खोज अभियान के बाद कुमारबाग और चनपटिया थाना की पुलिस ने तीनों के शव नहर से बरामद किए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
पुलिस के अनुसार, रामबाबू यादव वारदात के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ललिता देवी के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी जाँच में जुटे हैं।
आम जनता पर असर
घटना की खबर फैलते ही भंगहा गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक और आक्रोश का माहौल है। यह घटना घरेलू हिंसा के उन गंभीर मामलों की याद दिलाती है जो ग्रामीण बिहार में समय-समय पर सामने आते रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आँकड़ों के अनुसार बिहार में घरेलू हिंसा के मामले चिंताजनक स्तर पर बने हुए हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस आरोपी रामबाबू यादव की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय है। पीड़िता के बयान के आधार पर हत्या और घरेलू हिंसा से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रक्रिया जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होगी।