गजराज राव ने इरफान और मनोज बाजपेयी को बताया अपना मेंटर, अक्षय कुमार संग 'जॉली एलएलबी 3' के बाद बदला नज़रिया
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता गजराज राव ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि दिवंगत अभिनेता इरफान और वरिष्ठ अभिनेता मनोज बाजपेयी उनके सबसे बड़े मेंटर हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि अक्षय कुमार के साथ 'जॉली एलएलबी 3' में काम करने के बाद उनकी राय पूरी तरह बदल गई। बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के दिल्ली के एक साधारण रेलवे क्वार्टर से निकलकर भारतीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाले गजराज राव का यह साक्षात्कार उनके संघर्ष और सोच दोनों को सामने रखता है।
पॉडकास्ट में खोला दिल
गजराज राव ने गोपाल दत्त के पॉडकास्ट 'पहला पहला' में शिरकत करते हुए अपने बचपन से लेकर अब तक के सफर को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली के एक साधारण रेलवे क्वार्टर में पले-बढ़े होने से लेकर भारतीय सिनेमा के चेहरों में शामिल होने तक मेरा सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। फिल्मों से मेरा लगाव दिल्ली के कनॉट प्लेस के सिनेमाघरों से बढ़ा। फिल्मों को करीब से देखने और समझने के बाद धीरे-धीरे मेरा रुझान थिएटर की तरफ हुआ। थिएटर में मुझे काम करने का मौका मिला और देखते ही देखते यही सफर मेरे एक्टिंग करियर की नींव बन गया।'
इरफान और मनोज बाजपेयी से मिली प्रेरणा
अपने प्रेरणास्रोतों की बात करते हुए गजराज ने कहा, 'हर एक्टर को अपने मेंटर्स तलाशने चाहिए। मेरे कई मेंटर्स हैं, जिनमें दिवंगत अभिनेता इरफान और मनोज बाजपेयी शामिल हैं। मैं इन कलाकारों को देखता हूं और यह समझने की कोशिश करता हूं कि वे किस तरह काम करते हैं और अपने करियर को उन्होंने कैसे आगे बढ़ाया।' उन्होंने जोड़ा कि किसी बड़े कलाकार से सीखने का अर्थ केवल उनकी अभिनय शैली नहीं, बल्कि उनके काम करने के तरीके और रवैये को भी आत्मसात करना है। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में मेंटरशिप की संस्कृति पर अक्सर बहस होती रहती है।
अनिल कपूर की ऊर्जा ने किया प्रभावित
गजराज ने अनिल कपूर की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, '80 और 90 के दशक में अनिल कपूर ने खुद को जिस तरह बनाए रखा, वह काफी खास है। इतने सालों के बाद भी वह उसी ऊर्जा के साथ काम करने और खुद को सक्रिय रखने की कोशिश करते हैं।' गजराज के अनुसार, लंबे करियर के बावजूद काम के प्रति उत्साह बनाए रखना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि है।
अक्षय कुमार के बारे में बदला नज़रिया
अक्षय कुमार के बारे में गजराज ने कहा, 'मैंने अक्षय के साथ 'जॉली एलएलबी 3' में काम किया और इस अनुभव के बाद मेरे नज़रिए में काफी बदलाव आया। पहले मैं अक्षय के बारे में दूसरों से तरह-तरह की बातें सुना करता था और उन्हीं बातों को सच मान लेता था। साथ काम करने के बाद मुझे पता चला कि अक्षय काफी अनुशासित इंसान हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी कलाकार जानबूझकर कमज़ोर काम नहीं करता — हर कोई अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है।
छोटे किरदारों से मिली असली पहचान
गजराज ने अपने शुरुआती दिनों और टीवीएफ के साथ अनुभवों को याद करते हुए कहा, 'शुरुआत में मुझे टीवीएफ को लेकर कुछ संदेह था, लेकिन बाद में यह सफर मेरे करियर का एक अहम हिस्सा बन गया।' उन्होंने बताया कि एक बार उनके पास ऐसा किरदार भी आया था जिसमें उनका चेहरा तक नहीं दिखा, फिर भी उन्होंने उसे पूरी गंभीरता से निभाया। गौरतलब है कि यही छोटे किरदार आगे चलकर उनके करियर की असली सीढ़ी बने। आने वाले समय में गजराज राव की परियोजनाओं पर दर्शकों की नज़रें टिकी रहेंगी।