17 जुलाई 2026
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देवरिया: गंडक नदी में मिला सुशील सहनी का शव, चार दोस्तों ने शराब पार्टी में गला दबाकर की हत्या

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देवरिया: गंडक नदी में मिला सुशील सहनी का शव, चार दोस्तों ने शराब पार्टी में गला दबाकर की हत्या

सारांश

देवरिया में गंडक नदी से मिले 22 वर्षीय सुशील सहनी की हत्या का रहस्य सुलझा — चार दोस्तों ने शराब पार्टी में विवाद के बाद गला दबाकर जान ली और शव नदी में फेंका। पुलिस ने तकनीकी जाँच के बल पर सभी आरोपियों को दबोचा।

मुख्य बातें

देवरिया के भाटपार रानी थाना क्षेत्र में गंडक नदी से 22 वर्षीय सुशील सहनी का शव बरामद हुआ था।
हत्या 28 मई की रात शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में की गई — आरोपियों ने गला दबाकर जान ली।
गिरफ्तार चार आरोपी: दीपक गोड़ , कमल अंसारी , नईम अंसारी और आशिक अंसारी — सभी मृतक के दोस्त।
शव को नाव से गंडक नदी के बीच फेंका गया था; पोस्टमार्टम में गला दबाने और गंभीर चोटों की पुष्टि।
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर.
शंकर ने तकनीकी जाँच और पूछताछ के आधार पर मामला सुलझाने की पुष्टि की।
चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में, आगे की कार्रवाई जारी।

देवरिया जिले के भाटपार रानी थाना क्षेत्र में गंडक नदी के सावरेजी पुल के पास से बरामद 22 वर्षीय सुशील सहनी की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। जाँच में सामने आया कि मृतक के ही चार दोस्तों ने 28 मई की रात शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नाव से नदी में फेंक दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

28 मई की रात सुशील सहनी अपने चार दोस्तों — दीपक गोड़, कमल अंसारी, नईम अंसारी और आशिक अंसारी — के साथ शराब पार्टी के लिए गया था। पार्टी के दौरान किसी बात पर विवाद शुरू हुआ जो जल्द ही हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर सुशील के साथ मारपीट की और खैरात पुल के पास उसका गला दबाकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने एक नाव की मदद से शव को गंडक नदी के बीच ले जाकर फेंक दिया, ताकि हत्या का कोई सुराग न मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने और गंभीर चोटों के संकेत मिले हैं।

पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी

शव की पहचान होने के बाद मृतक के भाई ने भाटपार रानी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जाँच, स्थानीय सूत्रों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुँच बनाई। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि पूरी घटना 28 तारीख की रात की है और सभी तथ्य जाँच में स्पष्ट हो गए हैं।

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले से मारपीट और गाली-गलौज का मामला दर्ज बताया जाता है। चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

पुलिस के अनुसार, आरोपियों और मृतक के बीच पहले से भी हल्का-फुल्का विवाद चल रहा था, जो उस रात नशे की हालत में हिंसक रूप ले गया। पुलिस अधीक्षक शंकर ने इसे पूरी तरह आपसी विवाद और नशे में हुई बहस का परिणाम बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में नशे से जुड़ी हिंसक घटनाओं पर पुलिस की निगरानी बढ़ाने की माँग लगातार उठ रही है।

आगे की कार्रवाई

चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की जाँच कर रही है और अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की ओर से त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट का रिकॉर्ड होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं थी। नशे से जुड़ी हिंसा की रोकथाम के लिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — ज़िला स्तर पर व्यापक निवारक तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवरिया गंडक नदी हत्याकांड में क्या हुआ था?
देवरिया के भाटपार रानी थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय सुशील सहनी की उसके चार दोस्तों ने 28 मई की रात शराब पार्टी के दौरान गला दबाकर हत्या कर दी और शव गंडक नदी में फेंक दिया। पुलिस ने जाँच के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या के आरोप में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने दीपक गोड़, कमल अंसारी, नईम अंसारी और आशिक अंसारी को गिरफ्तार किया है — ये सभी मृतक सुशील सहनी के दोस्त थे। इनमें से एक आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट और गाली-गलौज का मामला दर्ज बताया जाता है।
हत्या की वजह क्या बताई जा रही है?
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के अनुसार, यह मामला आपसी विवाद और नशे में हुई बहस का परिणाम है। आरोपियों और मृतक के बीच पहले से हल्का-फुल्का विवाद था, जो शराब पार्टी के दौरान हिंसक रूप ले गया।
आरोपियों ने शव को कैसे छुपाने की कोशिश की?
हत्या के बाद आरोपियों ने एक नाव की मदद से शव को गंडक नदी के बीच ले जाकर फेंक दिया, ताकि कोई सुराग न मिले। लेकिन पुलिस की तकनीकी जाँच और स्थानीय सूत्रों के आधार पर मामले की परतें जल्द खुल गईं।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस आरोप-पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में अदालत में सुनवाई आगे बढ़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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