गंडक नदी हत्याकांड सुलझा: देवरिया में सुशील सहनी के चार दोस्त गिरफ्तार, शराब पार्टी में हुई थी हत्या
सारांश
मुख्य बातें
देवरिया जिले की भाटपार रानी थाना पुलिस ने 1 जून 2026 को गंडक नदी हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए 22 वर्षीय सुशील सहनी की हत्या के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के ही चार दोस्तों ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या की और शव को गंडक नदी में फेंक दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
28 मई की रात सुशील सहनी अपने दोस्तों के साथ शराब पार्टी के लिए गया था। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के अनुसार, पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। इसी दौरान आरोपियों ने मिलकर सुशील के साथ मारपीट की और खैरात पुल के पास उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने एक नाव की सहायता से शव को गंडक नदी के बीच ले जाकर फेंक दिया, ताकि कोई संदेह न कर सके। हालाँकि, पुलिस की जाँच में यह साजिश जल्द ही उजागर हो गई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने चारों आरोपियों — दीपक गोड़, कमल अंसारी, नईम अंसारी और आशिक अंसारी — को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक आरोपी के विरुद्ध पहले से ही मारपीट और गाली-गलौज का मामला दर्ज था।
जाँच का आधार
सावरेजी पुल के पास से शव बरामद होने के बाद मृतक के भाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जाँच, पूछताछ और स्थानीय सूत्रों की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुँच बनाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाने और गंभीर चोटों के संकेत पाए गए हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों और मृतक के बीच पहले से हल्का-फुल्का विवाद चल रहा था, जो उस रात नशे की हालत में हिंसक रूप ले गया। यह मामला आपसी रंजिश और नशे में हुई बहस का नतीजा बताया जा रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नशे से जुड़े विवादों में हिंसा की ऐसी घटनाएँ चिंता का विषय बनती रही हैं।
आगे की कार्रवाई
चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अभियोजन पक्ष की तैयारी शुरू कर दी गई है।