11 अगस्त 2026
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गांदरबल पुलिस ने सफापोरा पोस्ट ऑफिस से 4 किलो कोकीन सहित पार्सल जब्त किया, बदले की साजिश का भंडाफोड़

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गांदरबल पुलिस ने सफापोरा पोस्ट ऑफिस से 4 किलो कोकीन सहित पार्सल जब्त किया, बदले की साजिश का भंडाफोड़

सारांश

बदले की नीयत से भेजा गया एक पार्सल गांदरबल पुलिस की सतर्कता से नाकाम हो गया। सफापोरा पोस्ट ऑफिस से जब्त इस पार्सल में 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर मिला — और जाँच में खुलासा हुआ कि यह किसी को झूठे ड्रग केस में फँसाने की साजिश थी। आरोपी तारिक अहमद सोफी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

गांदरबल पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को सफापोरा पोस्ट ऑफिस में संदिग्ध पार्सल रोककर लगभग 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर , 80 ग्राम चरस और प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट्स बरामद कीं।
पार्सल एक पति को झूठे नशीले पदार्थों के मामले में फँसाने की सुनियोजित साजिश के तहत भेजा गया था।
आरोपी तारिक अहमद सोफी , निवासी जैनाकोट, श्रीनगर , को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार तारिक ने केंद्रशासित प्रदेश के बाहर के एक संपर्क के ज़रिए यह कंसाइनमेंट मंगवाया था।
जाँच में बड़े नेटवर्क के शामिल होने के संकेत; आगे और गिरफ्तारियाँ संभव।

गांदरबल पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को सफापोरा पोस्ट ऑफिस में एक संदिग्ध पार्सल को रोककर उसमें छिपाए गए लगभग 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर, 80 ग्राम चरस और प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट्स बरामद कीं। जाँच में खुलासा हुआ कि यह पार्सल एक पति को झूठे नशीले पदार्थों के मामले में फँसाने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था — और पुलिस ने इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

8 अगस्त को सफापोरा पुलिस स्टेशन को केंद्रशासित प्रदेश के बाहर से आए एक संदिग्ध पार्सल की पक्की सूचना मिली। पार्सल सफापोरा के एक स्थानीय निवासी के नाम पर भेजा गया था। सूचना मिलते ही एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई।

पार्सल को सफापोरा पोस्ट ऑफिस में ही रोक लिया गया। नियमों के अनुसार एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, एफएसएल टीम, क्राइम टीम और स्निफर डॉग स्क्वाड की उपस्थिति में पार्सल खोला गया। तलाशी में भीतर छिपाए गए नशीले पदार्थ बरामद हुए, जिनके सैंपल पुष्टि के लिए एफएसएल लैब भेजे गए। लैब रिपोर्ट ने पार्सल की सामग्री की पुष्टि की।

बदले की साजिश का खुलासा

जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस के अनुसार यह मामला महज तस्करी का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र निकला। कंसाइनमेंट जानबूझकर पार्सल पाने वाले व्यक्ति को ड्रग्स के झूठे मामले में फँसाने के इरादे से भेजा गया था।

जाँच में पुलिस को पीड़ित की पत्नी के पूर्व साथी की भूमिका का पता चला। आरोपी की पहचान जैनाकोट, श्रीनगर निवासी तारिक अहमद सोफी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार तारिक ने केंद्रशासित प्रदेश के बाहर मौजूद अपने एक संपर्क के ज़रिए यह कंसाइनमेंट मंगवाकर सफापोरा भेजा, ताकि पार्सल पाने वाले को कानूनी जाल में फँसाया जा सके। तारिक अहमद सोफी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं।

बड़े नेटवर्क की आशंका

गांदरबल पुलिस के अनुसार इस मामले में एक बड़े नेटवर्क के शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नशीले पदार्थ कहाँ से मंगवाए गए, केंद्रशासित प्रदेश के बाहर कौन-सा संपर्क इस साजिश में शामिल था, और इस पूरे षड्यंत्र में और कितने लोगों की भूमिका है। गौरतलब है कि पोस्टल चैनल के ज़रिए नशीले पदार्थों की तस्करी की यह घटना जम्मू-कश्मीर में नशे के बढ़ते नेटवर्क की ओर संकेत करती है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा और पार्सल भेजने के तरीके को देखते हुए जाँच का दायरा केंद्रशासित प्रदेश की सीमाओं से बाहर तक फैल सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस साजिश के सभी सूत्रों को खंगाला जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ ऐसे षड्यंत्र निर्दोष लोगों के जीवन बर्बाद कर सकते हैं। गांदरबल पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि पोस्टल चैनल की निगरानी व्यवस्था को और कितना मज़बूत किया जाए — क्योंकि यह पहला मामला नहीं है जब डाक के ज़रिए नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश हुई हो।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांदरबल पुलिस ने सफापोरा पोस्ट ऑफिस से क्या बरामद किया?
पुलिस ने एक संदिग्ध पार्सल से लगभग 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर, 80 ग्राम चरस और प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट्स बरामद कीं। एफएसएल लैब रिपोर्ट ने इन नशीले पदार्थों की पुष्टि की।
इस पार्सल के पीछे की साजिश क्या थी?
जाँच के अनुसार यह पार्सल एक पति को झूठे ड्रग मामले में फँसाने के इरादे से भेजा गया था। आरोपी तारिक अहमद सोफी ने पीड़ित की पत्नी के पूर्व साथी के रूप में बदले की भावना से यह षड्यंत्र रचा।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
जैनाकोट, श्रीनगर निवासी तारिक अहमद सोफी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार उसने केंद्रशासित प्रदेश के बाहर के एक संपर्क के ज़रिए कंसाइनमेंट मंगवाकर सफापोरा भेजा था।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
गांदरबल पुलिस के अनुसार मामले में एक बड़े नेटवर्क के शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस नशीले पदार्थों के स्रोत, बाहरी संपर्क और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है, इसलिए आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
पार्सल खोलने की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई?
एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के बाद पार्सल को सफापोरा पोस्ट ऑफिस में ही रोका गया। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, एफएसएल टीम, क्राइम टीम और स्निफर डॉग स्क्वाड की उपस्थिति में इसे विधिवत खोला गया।
राष्ट्र प्रेस
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