गांदरबल पुलिस ने सफापोरा पोस्ट ऑफिस से 4 किलो कोकीन सहित पार्सल जब्त किया, बदले की साजिश में एक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गांदरबल पुलिस ने 8 अगस्त 2026 को सफापोरा पोस्ट ऑफिस में एक संदिग्ध पार्सल को रोककर उसमें से लगभग 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर, 80 ग्राम चरस और प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट्स बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार यह पार्सल किसी निर्दोष व्यक्ति को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने की सुनियोजित साजिश के तहत भेजा गया था।
कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई
8 अगस्त को सफापोरा पुलिस स्टेशन को केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) के बाहर से आए एक संदिग्ध पार्सल की पक्की सूचना मिली। पार्सल सफापोरा के एक स्थानीय निवासी के नाम पर भेजा गया था। सूचना मिलते ही एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पार्सल को पोस्ट ऑफिस में ही रोक लिया गया। प्रक्रिया के अनुसार एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, एफएसएल टीम, क्राइम टीम और स्निफर डॉग स्क्वाड की मौजूदगी में पार्सल खोला गया, जिसमें छिपाए गए नशीले पदार्थ बरामद हुए।
एफएसएल रिपोर्ट में खुलासा
पुलिस ने सामान तुरंत जब्त कर सैंपल एफएसएल लैब भेजे। प्रयोगशाला रिपोर्ट ने पुष्टि की कि पार्सल में लगभग 4 किलो कोकीन-मिश्रित पाउडर, 80 ग्राम चरस और प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक टैबलेट्स शामिल थीं। यह मात्रा व्यावसायिक स्तर की तस्करी के संकेत देती है।
बदले की साजिश का भंडाफोड़
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि यह पूरा मामला बदले की भावना से रचा गया था। पार्सल पाने वाले व्यक्ति — एक पति — को ड्रग्स के झूठे मामले में फंसाने के इरादे से यह कंसाइनमेंट भेजा गया था। जांच में पुलिस ने पत्नी के पूर्व साथी की भूमिका का पता लगाया।
आरोपी की पहचान जैनाकोट, श्रीनगर निवासी तारिक अहमद सोफी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सोफी ने यूटी के बाहर मौजूद अपने एक संपर्क के जरिए यह कंसाइनमेंट मंगवाकर सफापोरा भेजा, ताकि पार्सल पाने वाले को कानूनी जाल में फंसाया जा सके। तारिक अहमद सोफी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में कथित तौर पर कई अहम खुलासे हुए हैं।
बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच जारी
गांदरबल पुलिस के अनुसार इस मामले में एक बड़े नेटवर्क के शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नशीले पदार्थ किस स्रोत से मंगवाए गए, यूटी के बाहर कौन-सा संपर्क इसमें शामिल था, और इस साजिश में और कितने लोगों की भूमिका है। गौरतलब है कि कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके दुरुपयोग से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, और यह घटना इस चिंताजनक प्रवृत्ति का एक नया आयाम सामने लाती है — जहाँ ड्रग्स को व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की गई।