जेनेलिया डिसूजा की ब्लॉकबस्टर वापसी: 10 साल के ब्रेक और दो बच्चों के बाद कैसे फिर चमकीं बड़े पर्दे पर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा ने बॉलीवुड की उस पुरानी धारणा को तोड़ दिया है, जिसके अनुसार शादी और मातृत्व के बाद किसी अभिनेत्री का करियर ढलान पर आ जाता है। दो बेटों की माँ बनने के बाद लगभग 10 साल तक फिल्मों से दूर रहने वाली जेनेलिया ने न केवल वापसी की, बल्कि मराठी और हिंदी — दोनों सिनेमा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
शुरुआत: एक विज्ञापन जिसने बदल दी ज़िंदगी
5 अगस्त 1987 को मुंबई में जन्मीं जेनेलिया का फ़िल्मी सफ़र महज 15 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ एक पार्कर पेन विज्ञापन में काम करने का अवसर मिला। दिलचस्प यह है कि उस समय उनकी परीक्षाएँ चल रही थीं और उन्होंने शुरुआत में इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। निर्देशक के अनुरोध पर उन्होंने शूटिंग की और वह विज्ञापन उनके करियर का पहला बड़ा मोड़ साबित हुआ।
बड़े पर्दे पर आगाज़ और बहुभाषी पहचान
साल 2003 में फ़िल्म 'तुझे मेरी कसम' से जेनेलिया ने बॉलीवुड में कदम रखा। इसी फ़िल्म में उनके साथ रितेश देशमुख भी नज़र आए और दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आई। यहीं से शुरू हुई उनकी दोस्ती आगे चलकर प्यार में बदल गई।
जेनेलिया ने हिंदी सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा। तेलुगु फ़िल्म 'बोमरिलू' ने उन्हें साउथ सिनेमा की बड़ी स्टार बना दिया और इस फ़िल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने तमिल, कन्नड़ और मलयालम फ़िल्मों में भी काम किया। हिंदी दर्शकों के बीच उनकी सबसे बड़ी पहचान 'जाने तू… या जाने ना' की चुलबुली किरदार 'अदिति' से बनी। इसके अलावा 'रेडी', 'फ़ोर्स' और 'तेरे नाल लव हो गया' जैसी फ़िल्मों ने उनके करियर को नई ऊँचाइयाँ दीं।
शादी, मातृत्व और 10 साल का ब्रेक
साल 2012 में जेनेलिया ने अभिनेता रितेश देशमुख से विवाह किया। शादी के बाद उन्होंने परिवार को प्राथमिकता देते हुए फ़िल्मों से करीब 10 साल का लंबा अंतराल लिया। दो बेटों के जन्म के बाद कई लोगों को लगा कि जेनेलिया का बड़े पर्दे पर वापस आना मुश्किल होगा।
जेनेलिया ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उन्होंने दोबारा फ़िल्मों में लौटने की इच्छा ज़ाहिर की, तो कई लोगों ने उन्हें हतोत्साहित किया। उनसे कहा गया कि दो बच्चों की माँ बनने के बाद दर्शक उन्हें पहले की तरह स्वीकार नहीं करेंगे। इस मुश्किल दौर में रितेश देशमुख उनके सबसे बड़े समर्थक बने और उन्होंने जेनेलिया को अपने सपनों को फिर से जीने के लिए प्रेरित किया।
वापसी: मराठी से हिंदी तक की यात्रा
साल 2022 में मराठी फ़िल्म 'वेड' से जेनेलिया ने पर्दे पर वापसी की। इस फ़िल्म में जेनेलिया और रितेश एक बार फिर साथ दिखे। 'वेड' बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त हिट साबित हुई और मराठी सिनेमा की सर्वाधिक कमाई करने वाली फ़िल्मों में शामिल हो गई।
इसके बाद हिंदी फ़िल्म 'ट्रायल पीरियड' (2023) में भी उनके काम की सराहना हुई। हाल ही में रिलीज़ हुई 'सितारे ज़मीन पर' में उन्होंने आमिर खान के साथ मुख्य भूमिका निभाई।
जेनेलिया का नज़रिया: बदलते सिनेमा में नई भूमिकाएँ
जेनेलिया का कहना है कि वह अब अपनी उम्र और व्यक्तित्व के अनुरूप ऐसे किरदार करना चाहती हैं, जिनसे दर्शक खुद को जोड़ सकें। उनका मानना है कि आज का सिनेमा बदल रहा है और हर उम्र की महिलाओं के लिए सशक्त किरदार लिखे जा रहे हैं। यह बदलाव न केवल जेनेलिया के लिए, बल्कि बॉलीवुड की उन तमाम अभिनेत्रियों के लिए उम्मीद की किरण है जो मातृत्व के बाद वापसी की राह तलाश रही हैं।