29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई में ₹1.28 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, गाजीपुर के कथित वकील को दिंडोशी पुलिस ने दबोचा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई में ₹1.28 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त, गाजीपुर के कथित वकील को दिंडोशी पुलिस ने दबोचा

सारांश

वकालत छोड़कर ड्रग्स सप्लाई के धंधे में उतरे गाजीपुर के युवक को दिंडोशी पुलिस ने ₹1.28 करोड़ की 680 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ मुंबई में रंगे हाथ दबोचा। पुलिस अब दिल्ली से मुंबई तक फैले संभावित ड्रग्स सिंडिकेट की जड़ें खोदने में जुटी है।

मुख्य बातें

दिंडोशी पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में 680 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की, अनुमानित कीमत ₹1.28 करोड़ ।
गिरफ्तार आरोपी शिवाजी जयप्रकाश सिंह (31) , गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला; कथित तौर पर वकालत छोड़ ड्रग्स सप्लाई में आया।
आरोपी को प्रत्येक खेप पर 12 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
खेप दिल्ली से भेजी गई थी; दिल्ली–मुंबई ड्रग्स नेटवर्क की जाँच जारी।
आरोपी को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

दिंडोशी पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई के हाईराइज टावर क्षेत्र, सैटेलाइट टावर के पास छापा मारकर 680 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹1.25 करोड़ से ₹1.28 करोड़ के बीच बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी शिवाजी जयप्रकाश सिंह (31), जो उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला है, कथित तौर पर पेशे से वकील रहा है और अधिक आमदनी के लालच में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़ गया।

कैसे हुई गिरफ्तारी

दिंडोशी पुलिस स्टेशन की ड्रग्स स्क्वॉड टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि उनके क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की एक बड़ी खेप पहुँचने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल निगरानी तंत्र सक्रिय किया और इलाके में जाल बिछाया।

आरोपी जैसे ही सैटेलाइट टावर के पास माल पहुँचाने के लिए पहुँचा, पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके बैग की तलाशी में 680 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली। इसके अलावा कुछ दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं, जिनकी जाँच की जा रही है।

वकालत से ड्रग्स सप्लाई तक का सफर

जाँच में सामने आया है कि शिवाजी सिंह कथित तौर पर पहले वकालत के पेशे में था, लेकिन उसने अधिक धन कमाने के लिए यह रास्ता छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार उसे एमडी ड्रग्स की प्रत्येक खेप पहुँचाने पर 12 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

यह मामला इस लिहाज से चिंताजनक है कि एक कानून की जानकारी रखने वाला व्यक्ति जानबूझकर नशे के कारोबार में उतर आया। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि ड्रग्स सिंडिकेट अब उच्च-शिक्षित व्यक्तियों को भी भर्ती करने लगे हैं।

दिल्ली–मुंबई नेटवर्क की आशंका

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह खेप दिल्ली से भेजी गई थी, हालाँकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसे मुंबई में किसे सौंपा जाना था। पुलिस का मानना है कि इस बरामदगी के पीछे दिल्ली से मुंबई तक फैला एक संगठित ड्रग्स नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है।

बरामद ड्रग्स, आरोपी के मोबाइल संपर्कों और दस्तावेज़ों की जाँच के जरिए पूरी सप्लाई चेन को उजागर करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिलेंगे।

वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिक्रिया

डीसीपी गजानन राजमाने ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और टीम ने बेहद सतर्कता से इसे अंजाम दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस शहर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रखेगी।

कानूनी कार्रवाई और आगे की राह

आरोपी शिवाजी सिंह को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है। जाँच का सबसे अहम पहलू यह होगा कि इस खेप का अंतिम गंतव्य कौन था और क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुँचा जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह महज एक अपराध की खबर नहीं रहती — यह तंत्र की विफलता का भी संकेत है। दिल्ली से मुंबई तक फैले कथित नेटवर्क की कड़ियाँ अगर साबित होती हैं, तो यह स्पष्ट होगा कि एमडी ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला महानगरों के बीच कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी है। असली परीक्षा अब यह है कि क्या पुलिस केवल कूरियर तक सीमित रहेगी या खेप के असली मालिक और प्राप्तकर्ता तक पहुँच पाएगी — क्योंकि अतीत में ऐसे मामलों में अक्सर बड़े मछलियाँ बच निकलती हैं।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिंडोशी पुलिस ने कितनी एमडी ड्रग्स बरामद की और किसे गिरफ्तार किया?
दिंडोशी पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई के सैटेलाइट टावर क्षेत्र से 680 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.28 करोड़ है। गिरफ्तार आरोपी शिवाजी जयप्रकाश सिंह (31) उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का रहने वाला है।
गिरफ्तार आरोपी वकील कैसे ड्रग्स सप्लाई में आया?
पुलिस के अनुसार शिवाजी सिंह कथित तौर पर पहले वकालत करता था, लेकिन अधिक आमदनी के लिए उसने यह पेशा छोड़ दिया और ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़ गया। उसे प्रत्येक खेप पहुँचाने पर 12 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
क्या इस मामले में दिल्ली–मुंबई ड्रग्स नेटवर्क की जाँच हो रही है?
हाँ, पुलिस का मानना है कि यह खेप दिल्ली से भेजी गई थी और इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क हो सकता है। आरोपी के मोबाइल संपर्कों, दस्तावेज़ों और खेप के गंतव्य की जाँच की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
शिवाजी सिंह को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्स्टेंस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है।
एमडी ड्रग्स क्या होती है और यह कितनी खतरनाक है?
एमडी (मेफेड्रोन) एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है जो NDPS एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। यह अत्यंत नशे की लत लगाने वाली और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक मानी जाती है; इसकी तस्करी में भारी कानूनी सज़ा का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 1 साल पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले