गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला: 'जो लिखकर देते हैं वही बोलते हैं', बंगाल उपचुनाव में BJP की जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 19 सितंबर 2026 को पटना में विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए। गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन की तीखी आलोचना की, जबकि सरावगी ने नंदीग्राम उपचुनाव और बिहार बाढ़ राहत को लेकर विपक्ष को घेरा।
राहुल गांधी पर गिरिराज का निशाना
गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'जो लिखकर दिया जाता है, वही बोलते हैं।' यह बयान विपक्ष के नेता की नेतृत्व क्षमता पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए पार्टी में अलग-अलग समय पर हुए विभाजनों का उल्लेख किया और सवाल उठाया कि पार्टी अपने इतिहास में कितनी बार टूटी है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस देश के कई राज्यों में चुनावी तैयारियों में जुटी है और राहुल गांधी की पार्टी के भीतर और बाहर नेतृत्व भूमिका लगातार बहस का विषय बनी हुई है।
पश्चिम बंगाल उपचुनाव और ममता सरकार पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों को लेकर गिरिराज सिंह ने दावा किया कि BJP इन सीटों पर जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा — 'चुनाव होगा, लोग चुनाव लड़ेंगे, और जनता मतदान करेगी।' यह बयान पार्टी के आत्मविश्वास को रेखांकित करने के रूप में देखा जा रहा है।
ममता बनर्जी के शासन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोग पहले 'भय के माहौल' में थे और अब 'खुलकर सांस ले रहे हैं।' उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले BJP खेमे की स्थिति को 'राम-राज्य' बताते हुए कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा किया। ये दावे BJP की राजनीतिक स्थिति से आए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नंदीग्राम उपचुनाव पर सरावगी का दावा
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया है और कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार पर हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई आरोपों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि BJP उम्मीदवार 'भारी बहुमत से जीतेंगे।' यह जीत का दावा चुनाव परिणाम आने से पूर्व किया गया राजनीतिक वक्तव्य है।
सरावगी ने बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस को राजनीतिक रूप से कमज़ोर बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा नीतीश कुमार को अपने पाले में लाने की कोशिशें दिखाती हैं कि ये दल खुद कितने कमज़ोर हैं।
बाढ़ राहत पर भाजपा का ऐलान
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर सरावगी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी तीन माह की राज्यसभा सदस्यता की सैलरी — करीब ₹6.35 लाख — मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है। इसके अलावा बिहार भाजपा की ओर से ₹51 लाख देने की बात कही गई और उन्होंने मुख्यमंत्री को चेक सौंपने का उल्लेख किया।
सरावगी ने यह भी कहा कि एनडीए (NDA) के विधायक, भाजपा विधायक, एमएलसी और सांसद अपनी एक महीने की सैलरी मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे। साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव और कांग्रेस पर बाढ़ के मुद्दे को लेकर 'गंभीर नहीं होने' का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश और अखिलेश यादव पर भी तंज
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की 'पीडीए रथ यात्रा' पर प्रतिक्रिया देते हुए सरावगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता पिछली सरकारों के 'गुंडा राज' और 'माफिया राज' को वापस नहीं देखना चाहती। उन्होंने NDA सरकार के कानून-व्यवस्था और निवेश के दावों को आधार बनाते हुए विपक्षी गतिविधियों को चुनावी हार की ओर जाने वाला कदम बताया। ये आकलन BJP के राजनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज है और BJP-विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। आने वाले उपचुनावों के परिणाम इन दावों की असली परीक्षा होंगे।