गोवा में ईडी की छापेमारी पर AAP का पलटवार, BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 18 मई को केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा और दिल्ली में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर छापेमारी की। AAP का आरोप है कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने AAP के गोवा सह-प्रभारी दीपक सिंगला के दिल्ली और गोवा स्थित आवासों सहित कई पार्टी स्वयंसेवकों के घरों पर छापेमारी की। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को लगातार ईडी, सीबीआई और एसीबी जैसी एजेंसियों के ज़रिए निशाना बनाया जा रहा है।
आतिशी का आरोप
AAP नेता आतिशी ने आरोप लगाया कि जिस तरह केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में ईडी और सीबीआई को 'हथियार' बनाकर इस्तेमाल किया, उसी रणनीति को अब पंजाब और गोवा में दोहराया जा रहा है। उनका कहना है कि गोवा में AAP की बढ़ती लोकप्रियता ही इस कार्रवाई की असली वजह है। आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि यह छापेमारी केवल कार्यकर्ताओं को डराने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी के संगठनात्मक डेटा और चुनावी रणनीति हासिल करने की कोशिश भी है।
सिसोदिया का तीखा हमला
AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा। उनका आरोप है कि ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को चुनाव जीतने से रोकने के लिए किया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि इन एजेंसियों के सहारे राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा सकता है, लेकिन देश की गिरती अर्थव्यवस्था और रुपए की कमज़ोर होती स्थिति को नहीं संभाला जा सकता।
विपक्ष की व्यापक प्रतिक्रिया
यह ऐसे समय में आया है जब कई विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि जाँच एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए हो रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक, विपक्ष शासित राज्यों में केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को लेकर यह विवाद नया नहीं है — AAP के कई शीर्ष नेता पहले भी ईडी और सीबीआई की जाँच का सामना कर चुके हैं।
आगे क्या
ईडी की ओर से अभी तक इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। AAP ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना जारी रखेगी। गोवा में आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर इस कार्रवाई के असर पर सभी की नज़रें टिकी हैं।