क्या झारखंड विधानसभा में गोड्डा एनकाउंटर पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी तकरार हुई?

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क्या झारखंड विधानसभा में गोड्डा एनकाउंटर पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी तकरार हुई?

सारांश

झारखंड विधानसभा में गोड्डा एनकाउंटर पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। सीबीआई जांच की मांग ने सदन में हंगामा खड़ा कर दिया। क्या सच में यह एनकाउंटर संदिग्ध है? जानिए इस विवाद की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • गोड्डा एनकाउंटर पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
  • विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की है।
  • सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार हुई।
  • सत्येंद्र नाथ तिवारी और बाबूलाल मरांडी के बीच बहस हुई।

रांची, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को गोड्डा में सूर्या हांसदा के कथित एनकाउंटर के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष सामने आ गए, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

पहली पाली में विपक्षी दलों ने मुठभेड़ की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हंगामा किया, जिससे स्पीकर को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। दूसरी पाली में अनुपूरक बजट पर चर्चा शुरू हुई तो इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में जोरदार तकरार हुई।

भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सूर्या हांसदा की तुलना दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन से की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सूर्या हांसदा एक अपराधी था, और उसकी तुलना शिबू सोरेन जी से करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आसन से भाजपा विधायक के वक्तव्य को रिकॉर्ड से हटाने की मांग भी की। इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन किसी भी अदालत ने उन्हें दोषी करार नहीं दिया। अपराधी घोषित करने का अधिकार केवल न्यायालय को है, न कि जनप्रतिनिधियों को।

मरांडी ने हांसदा को लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे कई बार चुनाव लड़े और अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते थे। मरांडी ने इस कथित एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री इसकी अनुशंसा करें, जांच सीबीआई करेगी और सच सामने आ जाएगा। बिना जांच किसी को अपराधी कहना न उचित है और न ही न्यायसंगत।"

संसदीय कार्य मंत्री के बयान को लेकर सदन का माहौल गरमाता गया और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे। हालांकि, हंगामे के बीच दूसरी पाली में कुछ कामकाज भी हुआ। सीएजी की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस मुद्दे को निष्पक्षता से देखें। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन सच्चाई जानना और न्याय की प्रक्रिया का सम्मान करना जरूरी है। यह मामला न केवल स्थानीय राजनीति का है, बल्कि यह न्याय प्रणाली की भी परीक्षा है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

गोड्डा एनकाउंटर क्या है?
गोड्डा एनकाउंटर में सूर्या हांसदा की कथित मुठभेड़ को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
क्या इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच होगी?
विपक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।