गोपालगंज थावे मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट, प्रशासन ने कार्रवाई के दिए आदेश
सारांश
Key Takeaways
- गोपालगंज के थावे मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना हुई।
- जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है।
- सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान की गई है।
- घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
गोपालगंज, २१ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित प्रसिद्ध थावे मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। इसी बीच, शनिवार को सीवान से आए कुछ श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद खरीदने को लेकर एक मारपीट की घटना घटित हुई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के प्रमुख सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर जबरन प्रसाद खरीदने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर कुछ दुकानदारों ने श्रद्धालुओं के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
इस घटना में कई श्रद्धालु, जिसमें एक महिला और एक डॉक्टर भी शामिल हैं, घायल हो गए। घायलों को तुरंत थावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
घायल श्रद्धालु डॉ. नीतीश कुमार ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ सीवान जिले के महाराजगंज से नवरात्रि पर पूजा करने आए थे। मंदिर परिसर में दुकानदारों द्वारा जबरन प्रसाद थमाने का प्रयास किया गया। जब उन्होंने मना किया, तो दुकानदारों ने पहले अपशब्द कहे और फिर मारपीट करने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम और एसडीपीओ को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी सिन्हा ने कहा कि इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आठ आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। साथ ही, मारपीट में शामिल दुकानदारों की प्रसाद की दुकानों को मंदिर परिसर से हटाने का भी निर्देश दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने और श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।