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क्या झारखंड के लोहरदगा और हजारीबाग में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा हुई?

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क्या झारखंड के लोहरदगा और हजारीबाग में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा हुई?

सारांश

झारखंड के लोहरदगा और हजारीबाग में सरस्वती पूजा के दौरान हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। विवादों के चलते कई लोग घायल हो गए हैं, और प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। जानिए इस घटना की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

सरस्वती पूजा के दौरान विवाद और हिंसा की घटनाएं हुईं।
प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया है।
कई लोग घायल हुए, जिनमें पुलिस भी शामिल है।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लोहरदगा/हजारीबाग, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हजारीबाग और लोहरदगा जिले में दो स्थानों पर उत्पन्न विवादों ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीडीह गांव में रविवार को सरस्वती पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया, जो बाद में हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। बताया गया कि लाठी-डंडों और परंपरागत हथियारों से लैस दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे गांव में अफरातफरी मच गई। इस दौरान कई लोग घायल हो गए।

पुलिस ने घायलों में से तीन लोगों को कुडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत शनिवार शाम हुई थी, जब गांव में मां सरस्वती की प्रतिमा भ्रमण के दौरान प्रतिमा एक घर के छप्पर से सट गई थी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसे उस समय आपसी समझदारी से सुलझा लिया गया था।

हालांकि, इसके बाद पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती गई और रात में पुलिस गश्त की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति दोबारा बिगड़ने की आशंका बनी रही। रविवार सुबह उसी मुद्दे को लेकर विवाद फिर से भड़क उठा और देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही कुडू थाना पुलिस के साथ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का बाइक दस्ता मौके पर पहुंचा।

लोहरदगा के पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी समेत जिले के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसी तरह हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू गांव में सरस्वती पूजा के बाद शनिवार देर रात मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक झड़प और पत्थरबाजी में बदल गया।

इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोगों के साथ-साथ पुलिस पदाधिकारी और जवान भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग के उपायुक्त शशि रंजन और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे। प्रशासन ने इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। हजारीबाग पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने दोनों जिलों के लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज में धार्मिक सहिष्णुता की आवश्यकता को दर्शाती है। हमें ऐसे मामलों में समझदारी से काम लेना चाहिए और सभी को शांति बनाए रखने की अपील करनी चाहिए।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान क्या हुआ?
सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान लोहरदगा और हजारीबाग में विवाद उत्पन्न हुए, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गए।
क्या लोग घायल हुए हैं?
हां, इस हिंसा में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।
क्या स्थिति अब शांत है?
हजारीबाग पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
जी हां, पुलिस ने बताया है कि दोषियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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