गोवंडी में चाकू से बेरहम हत्या: शोर मचाने से रोका तो आरोपियों ने ले ली आरिफ जमादार की जान
सारांश
Key Takeaways
- 22 अप्रैल 2025 की रात मुंबई के गोवंडी, शिवाजीनगर में 35 वर्षीय आरिफ जमादार की चाकू घोंपकर हत्या की गई।
- परिवार ने रात 3:45 बजे 'गरीब नवाज' चाय दुकान के पास शोर मचा रहे 7 लड़कों के गिरोह को रोका, जिसके बाद हिंसा भड़की।
- आरोपी रूहान शेख ने तलवार से सिराज पर हमला किया, जबकि रिजवान कुरैशी ने आरिफ के सीने में चाकू घोंपा।
- राजावाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने आरिफ जमादार को मृत घोषित किया।
- शिवाजी नगर पुलिस ने 7 आरोपियों — अयाज शेख, रिजवान कुरैशी, सोहेल कुरैशी, रूहान शेख, आदिल पटेल, इशान कुरैशी और फैज सैय्यद — को गिरफ्तार किया।
- यह घटना मुंबई के उपनगरीय इलाकों में बढ़ती सड़क हिंसा और रात्रि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है।
मुंबई के शिवाजीनगर, गोवंडी इलाके में 22 अप्रैल 2025 की देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जब 35 वर्षीय आरिफ जमादार की चाकू घोंपकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरिफ का एकमात्र कसूर यह था कि उसने और उसके परिवार ने अपने घर के बाहर शोर मचा रहे एक गिरोह को चुप रहने को कहा था। इस विरोध की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
घटना का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 22 अप्रैल की रात करीब 3:45 बजे पीड़ित के पिता शब्बीर जमादार, उनके बेटे सिराज और भतीजे अल्ताफ अपने घर के बाहर बेंच पर बैठे थे। वे परिवार में संपत्ति संबंधी मामलों पर चर्चा कर रहे थे। उसी समय 7 लड़कों का एक गिरोह पास की चाय की दुकान 'गरीब नवाज' पर आया और जोर-जोर से शोर मचाने लगा।
जब शब्बीर जमादार ने उन लड़कों से शांत रहने को कहा, तो गिरोह ने तुरंत अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई और गिरोह ने शब्बीर, सिराज और अल्ताफ के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जानलेवा हमला और आरिफ की बहादुरी
हंगामा बढ़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। जब परिवार घर के अंदर जाने की कोशिश कर रहा था, तभी आरोपी रूहान शेख ने तलवार निकाल ली और सिराज के पेट पर वार करने की कोशिश की। सिराज ने अपने हाथ से वार को रोका, जिससे उसके हाथ पर गहरी चोट आई।
परिवार को बचाने के लिए आरिफ जमादार ने सभी को अंदर धकेला और दरवाजा बंद करने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी रिजवान कुरैशी ने आरिफ के सीने में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आरिफ ने हिम्मत नहीं हारी और दरवाजा बंद करने में कामयाब रहा, ताकि परिवार के बाकी सदस्य सुरक्षित रह सकें।
हमलावर इसके बाद भी मोहल्ले में हथियार लहराते रहे और आस-पास के लोगों को धमकाते रहे। जाते-जाते उन्होंने हथियारों से दरवाजे को भी नुकसान पहुंचाया।
अस्पताल में मृत घोषित
परिवार खून से लथपथ आरिफ को घर के पिछले दरवाजे से निकालकर ऑटो-रिक्शा के जरिए राजावाड़ी अस्पताल ले गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने आरिफ जमादार को मृत घोषित कर दिया। एक बाप, एक बेटा, एक परिवार का रक्षक — सब कुछ चंद मिनटों में छिन गया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं — अयाज एजाज शेख उर्फ अज्जू, रिजवान कुरैशी उर्फ रिज्जू, सोहेल कुरैशी उर्फ कालू, रूहान शेख, आदिल पटेल, इशान कुरैशी उर्फ सोनू तिरपत और सुजल उर्फ फैज सैय्यद। सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या और मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गहरी चिंता: मुंबई में बढ़ती सड़क हिंसा
यह घटना मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सड़क पर होने वाली हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। गोवंडी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में रात के वक्त कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। गौरतलब है कि मुंबई में पिछले कुछ महीनों में चाकूबाजी और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि जब एक आम नागरिक सिर्फ अपने परिवार की रक्षा करने की कोशिश करता है, तो उसे अपनी जान गंवानी पड़ती है — यह सामाजिक व्यवस्था की विफलता है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। अब देखना यह होगा कि न्यायालय इस मामले में कितनी तेजी से न्याय दिलाता है और क्या इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन गोवंडी में रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।