ग्रेटर नोएडा के दादरी में पुलिस मुठभेड़: करन नागर गोली लगने के बाद गिरफ्तार, मुकुल भी पकड़ा गया
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में 26 जुलाई को मोबाइल स्नैचिंग की घटना के बाद पुलिस और दो आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक आरोपी करन नागर के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरे आरोपी मुकुल को भी कॉम्बिंग अभियान के दौरान दबोच लिया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से लूटा हुआ मोबाइल फोन, चोरी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल की गई कार और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
ग्रेटर नोएडा पुलिस के अनुसार, दादरी थाना पुलिस मोबाइल स्नैचिंग की वारदात के बाद आरोपियों की तलाश में अभियान चला रही थी। इसी दौरान संदिग्ध बदमाशों का पुलिस टीम से आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में करन नागर के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने करन नागर के कब्जे से .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया। वहीं दूसरे आरोपी मुकुल के पास से एक अवैध चाकू मिला। इसके अलावा दोनों के कब्जे से मोबाइल स्नैचिंग में लूटा गया मोबाइल फोन, चोरी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की गई है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, करन नागर और मुकुल के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ और बुलंदशहर जिलों के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में चोरी, लूट और अन्य संगीन अपराध शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दोनों लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
घायल आरोपी का उपचार, जाँच जारी
घायल आरोपी करन नागर को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस अब इनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की भी जानकारी जुटाने में लगी है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस दोनों आरोपियों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब गौतमबुद्ध नगर जिले में मोबाइल स्नैचिंग और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस का विशेष अभियान चल रहा है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।