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क्या जीएसटी बचत उत्सव से मुंबई और कोलकाता के बाजारों में रौनक लौट आई?

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क्या जीएसटी बचत उत्सव से मुंबई और कोलकाता के बाजारों में रौनक लौट आई?

सारांश

जीएसटी सुधारों के चलते मुंबई और कोलकाता के बाजारों में खरीदारी में बंपर वृद्धि देखी जा रही है। त्योहारी सीजन में छूट और राहत से आम जनता को बजट में सहूलियत मिल रही है। जानिए इससे कैसे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिल रही है।

मुख्य बातें

जीएसटी में कमी से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें घट गई हैं।
त्योहारी सीजन में खरीदारी में वृद्धि हुई है।
बाजारों में रौनक लौट आई है।
आम जनता को बजट में राहत मिली है।
इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है।

कोलकाता/मुंबई, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। जीएसटी सुधारों के चलते इस त्योहारी सीजन में खरीदारी में बंपर इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता को विशेष राहत मिली है। इससे परिवारों के बजट में भी सहूलियत की उम्मीद है।

केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कमी का फैसला लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। नई दरों के लागू होने से रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं जैसे गेहूं, चावल, दाल, तेल और घरेलू उपकरण जैसे टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज की कीमतों में गिरावट आई है। इससे लोगों की क्रय क्षमता में वृद्धि हुई है और बाजारों में रौनक लौट आई है। पहले उच्च जीएसटी दरों के कारण लोग सीमित खरीदारी करते थे, जिससे व्यापारियों की बिक्री प्रभावित होती थी, लेकिन अब टैक्स में कमी के बाद दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है।

कोलकाता के एक दुकानदार अजय मदनानी ने कहा, “जीएसटी में सुधार के बाद कीमतों में कमी से ग्राहकों की खरीदारी में वृद्धि हुई है। 22 सितंबर से ग्राहकों को सस्ते दामों में सामान मिल रहा है, जिससे उनकी संख्या में इजाफा हुआ है। रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी में सुविधा होने से बिक्री बढ़ रही है और हमें उम्मीद है कि इससे कारोबार में और वृद्धि होगी।”

एक अन्य ग्राहक, बिस्वदीप सरकार ने कहा, “जीएसटी में कमी से बाजार में चीजों के दाम 5 प्रतिशत तक कम हुए हैं। यह आम लोगों के लिए राहत की बात है। अगर आप 100 रुपए में 10 रुपए बचा लेते हैं, तो उस पैसे को किसी और जगह निवेश कर सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।”

मुंबई की कमला ने भी जीएसटी सुधारों की सराहना की और कहा कि इससे व्यापार को नई दिशा मिली है। इस बार दीपावली पर बाजारों में उत्साह दोगुना है और लोग बड़ी संख्या में खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारियों का मानना है कि यह फैसला देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा।

मुंबई की एक गृहिणी हेमलता देसाई ने भावुक होकर कहा, “पहले ऊंची जीएसटी दरों के कारण घर का बजट बिगड़ जाता था, लेकिन जीएसटी कम होने से रसोई का सामान और अन्य आवश्यक चीजें सस्ती हो गई हैं। इस बार दिवाली की तैयारियां विशेष हैं, क्योंकि घर में सभी जरूरतें पूरी हो रही हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।”

मुंबई की गृहिणी सीमा माने ने कहा, “जीएसटी में कमी से घर का खर्च संतुलित हुआ है। पहले महंगे दामों के कारण जरूरी सामान सीमित मात्रा में खरीदना पड़ता था। अब सस्ते दामों में रसोई का सामान और अन्य जरूरतें पूरी हो रही हैं। इस बार की दिवाली हमारे लिए खास होगी।”

एक अन्य गृहिणी विद्या पोद्दार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “जीएसटी कम होने से घर का बजट संभालना आसान हो गया है। अब त्योहारों की तैयारियां बिना किसी दबाव के हो रही हैं। मैं सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।”

आम जनता के प्रतिनिधि दरोगा चौबे ने कहा, “जीएसटी में कमी से बाजार में चीजों के दाम कम हुए हैं। यह आम लोगों के लिए राहत की बात है। बचाए हुए पैसे को हम दूसरी जरूरतों में लगा सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।”

मुंबई के दुकानदार मोहनलाल कुमावत ने कहा, “जीएसटी में कमी से व्यापार को नई दिशा मिली है। ग्राहक अब ज्यादा उत्साह के साथ खरीदारी कर रहे हैं। इस बार दिवाली पर बाजारों में रौनक दोगुनी है। हम सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आगे भी व्यापार को बढ़ावा देगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी में कमी का आम जनता पर क्या असर पड़ा है?
जीएसटी में कमी से रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कम हुई हैं, जिससे आम जनता को राहत मिली है।
क्या जीएसटी में कमी से व्यापार में वृद्धि हुई है?
हां, जीएसटी में कमी से ग्राहकों की खरीदारी में वृद्धि हुई है, जो व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।
क्या इस बार की दिवाली खास है?
इस बार की दिवाली खास है क्योंकि ग्राहकों को सस्ते दामों में सामान उपलब्ध हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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