गुजरात सरकार अयोध्या में ₹80.25 करोड़ का 308 कमरों वाला यात्री निवास बनाएगी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने अयोध्या में ₹80.25 करोड़ की लागत से एक भव्य यात्री निवास का निर्माण आरंभ कर दिया है, जो 308 लोगों को आवास और 864 लोगों को एक साथ बैठने की सुविधा देगा। यह परियोजना गुजरात पर्यटन निगम लिमिटेड द्वारा 6,929.28 वर्ग मीटर भूमि पर विकसित की जा रही है और लगभग एक वर्ष में पूर्ण होने की संभावना है।
परियोजना की पृष्ठभूमि
जनवरी 2024 में अयोध्या के राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद से यह तीर्थ नगरी देशभर और विदेशों से श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। इसी बढ़ती आस्था-यात्रा को ध्यान में रखते हुए गुजरात ने पहले मार्च 2024 में ₹50 करोड़ के आवंटन की घोषणा की थी। अब इस परियोजना का दायरा बढ़ाकर इसे अधिक व्यापक रूप दिया गया है और लागत ₹80.25 करोड़ तक पहुँच गई है।
मुख्य सुविधाएँ
नियोजित यात्री निवास परिसर में विभिन्न श्रेणियों के आवासीय कमरों के साथ-साथ एक स्वागत केंद्र, आगंतुक विश्राम कक्ष, बहुउद्देशीय हॉल, सभागार, बैठक कक्ष और भोजन क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक स्मारिका दुकान, टेरेस गार्डन, डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम और सुनियोजित भूदृश्य (लैंडस्केप) क्षेत्र भी इस परिसर का हिस्सा होंगे। यह सुविधा धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राओं पर आने वाले समूहों के लिए एक आधार-शिविर की भूमिका निभाएगी।
सरकार की प्राथमिकता
अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में विकसित की जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य गुजरात से अयोध्या आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को किफ़ायती, सुव्यवस्थित और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि अयोध्या में अब केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि अनेक राज्य सरकारें अपने-अपने श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला और यात्री भवन निर्मित करने में जुटी हैं। यह प्रतिस्पर्धा अयोध्या को देश के प्रमुख तीर्थ-पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह परिसर गुजरात के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक स्थायी और सुविधाजनक ठिकाना बनेगा।