अयोध्या: राम कथा संग्रहालय का 80% निर्माण पूरा, ट्रस्ट CEO जितेंद्र मिश्रा ने किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने 30 सितंबर 2026 को अयोध्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य अब तक पूरा हो चुका है। यह संग्रहालय श्रद्धालुओं को थीम-आधारित विशेष दीर्घाओं के माध्यम से दिव्य दर्शन का अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
संग्रहालय की संरचना और दीर्घाएँ
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस महीने की शुरुआत में पत्रकारों को बताया था कि संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें से प्रत्येक के लिए अलग विषय पहले ही तय किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'प्रत्येक गैलरी के लिए थीम तय कर ली गई है और कहानी भी अंतिम रूप दे दी गई है।' गौरतलब है कि संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने प्रत्येक गैलरी की पूरी कथा-रचना तैयार करने में विशेष योगदान दिया है।
नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक गैलरी के लिए निविदाएँ 10 अक्टूबर से जारी की जाएंगी। उन्होंने कहा, 'संग्रहालय का सबसे बड़ा काम अब शुरू होने वाला है।' इस प्रक्रिया में इमर्सिव तकनीक, 3D तकनीक और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके दृश्य-श्रव्य सामग्री तैयार की जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जितेंद्र मिश्रा ने सितंबर की शुरुआत में ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में पदभार संभाला। ट्रस्ट ने 2 सितंबर को प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत उन्हें इस पद पर नियुक्त किया, जिसका उद्देश्य समन्वय और संचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना था। उनकी नियुक्ति उस पृष्ठभूमि में हुई जब कथित तौर पर दान की चोरी के आरोपों के चलते मंदिर प्रबंधन में सख्त निगरानी की माँग उठी थी।
सभागार निर्माण में देरी
नृपेंद्र मिश्रा ने स्वीकार किया कि मंदिर परिसर के भीतर और बाहर निर्मित किए जा रहे सभागार के निर्माण में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई है। हालाँकि, उन्होंने भरोसा जताया कि यह कार्य जनवरी या फरवरी तक अवश्य पूरा हो जाएगा। इस बीच, राम जन्मभूमि परिसर के मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और ट्रस्ट का ध्यान अब पूरी तरह संग्रहालय परियोजना पर केंद्रित है।
आम श्रद्धालुओं पर असर
यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने की संभावना है। थीम-आधारित 20 दीर्घाओं में इमर्सिव और 3D तकनीक के ज़रिये राम कथा का अनुभव श्रद्धालुओं को एक अनूठा दिव्य दर्शन प्रदान करेगा। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
आगे की राह
निविदाएँ जारी होने के बाद संग्रहालय की आंतरिक सज्जा और तकनीकी स्थापना का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। ट्रस्ट के अनुसार, संग्रहालय के पूर्ण रूप से तैयार होने पर यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र बनेगा, जो भारत और विदेश से आने वाले दर्शकों को रामायण की गाथा से जोड़ेगा।