30 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अयोध्या: राम कथा संग्रहालय का 80% निर्माण पूरा, ट्रस्ट CEO जितेंद्र मिश्रा ने किया निरीक्षण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अयोध्या: राम कथा संग्रहालय का 80% निर्माण पूरा, ट्रस्ट CEO जितेंद्र मिश्रा ने किया निरीक्षण

सारांश

अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का 80% निर्माण पूर्ण हो चुका है। ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने 30 सितंबर को स्थलीय निरीक्षण किया। 20 थीम-आधारित गैलरियों के लिए 10 अक्टूबर से निविदाएँ जारी होंगी और इमर्सिव-3D तकनीक से राम कथा को जीवंत किया जाएगा।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा ने 30 सितंबर 2026 को अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार संग्रहालय का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
संग्रहालय में कुल 20 थीम-आधारित गैलरी होंगी; प्रत्येक के लिए निविदाएँ 10 अक्टूबर से जारी की जाएंगी।
इमर्सिव तकनीक और 3D तकनीक का उपयोग करके दृश्य-श्रव्य सामग्री तैयार की जाएगी।
मंदिर परिसर के सभागार निर्माण में तीन से चार महीने की देरी; जनवरी-फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद।
जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर को ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में नियुक्त किया गया था।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र मिश्रा ने 30 सितंबर 2026 को अयोध्या स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य अब तक पूरा हो चुका है। यह संग्रहालय श्रद्धालुओं को थीम-आधारित विशेष दीर्घाओं के माध्यम से दिव्य दर्शन का अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

संग्रहालय की संरचना और दीर्घाएँ

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस महीने की शुरुआत में पत्रकारों को बताया था कि संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें से प्रत्येक के लिए अलग विषय पहले ही तय किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'प्रत्येक गैलरी के लिए थीम तय कर ली गई है और कहानी भी अंतिम रूप दे दी गई है।' गौरतलब है कि संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने प्रत्येक गैलरी की पूरी कथा-रचना तैयार करने में विशेष योगदान दिया है।

नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक गैलरी के लिए निविदाएँ 10 अक्टूबर से जारी की जाएंगी। उन्होंने कहा, 'संग्रहालय का सबसे बड़ा काम अब शुरू होने वाला है।' इस प्रक्रिया में इमर्सिव तकनीक, 3D तकनीक और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके दृश्य-श्रव्य सामग्री तैयार की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जितेंद्र मिश्रा ने सितंबर की शुरुआत में ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में पदभार संभाला। ट्रस्ट ने 2 सितंबर को प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत उन्हें इस पद पर नियुक्त किया, जिसका उद्देश्य समन्वय और संचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना था। उनकी नियुक्ति उस पृष्ठभूमि में हुई जब कथित तौर पर दान की चोरी के आरोपों के चलते मंदिर प्रबंधन में सख्त निगरानी की माँग उठी थी।

सभागार निर्माण में देरी

नृपेंद्र मिश्रा ने स्वीकार किया कि मंदिर परिसर के भीतर और बाहर निर्मित किए जा रहे सभागार के निर्माण में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई है। हालाँकि, उन्होंने भरोसा जताया कि यह कार्य जनवरी या फरवरी तक अवश्य पूरा हो जाएगा। इस बीच, राम जन्मभूमि परिसर के मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और ट्रस्ट का ध्यान अब पूरी तरह संग्रहालय परियोजना पर केंद्रित है।

आम श्रद्धालुओं पर असर

यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने की संभावना है। थीम-आधारित 20 दीर्घाओं में इमर्सिव और 3D तकनीक के ज़रिये राम कथा का अनुभव श्रद्धालुओं को एक अनूठा दिव्य दर्शन प्रदान करेगा। गौरतलब है कि जनवरी 2024 में मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

आगे की राह

निविदाएँ जारी होने के बाद संग्रहालय की आंतरिक सज्जा और तकनीकी स्थापना का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। ट्रस्ट के अनुसार, संग्रहालय के पूर्ण रूप से तैयार होने पर यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र बनेगा, जो भारत और विदेश से आने वाले दर्शकों को रामायण की गाथा से जोड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सभागार में पहले से तीन-चार महीने की देरी यह सवाल उठाती है कि क्या समयसीमाएँ व्यावहारिक हैं। असली कसौटी यह होगी कि इमर्सिव-3D तकनीक की गुणवत्ता अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरे, ताकि यह संग्रहालय वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर अयोध्या की स्थिति को और मज़बूत कर सके।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय अयोध्या में कहाँ बन रहा है?
यह संग्रहालय उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा निर्मित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इसका 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
राम कथा संग्रहालय में कितनी गैलरी होंगी और कब खुलेंगी?
संग्रहालय में कुल 20 थीम-आधारित गैलरी होंगी, जिनमें से प्रत्येक की कथा और विषय पहले ही तय किए जा चुके हैं। प्रत्येक गैलरी के लिए निविदाएँ 10 अक्टूबर से जारी की जाएंगी, हालाँकि उद्घाटन की आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
जितेंद्र मिश्रा कौन हैं और उन्हें ट्रस्ट का CEO क्यों नियुक्त किया गया?
जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति प्रशासनिक समन्वय सुधारने और कथित दान-चोरी के आरोपों के बाद सख्त संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए पुनर्गठन के तहत हुई।
राम कथा संग्रहालय में किस तकनीक का उपयोग होगा?
संग्रहालय की गैलरियों में इमर्सिव तकनीक, 3D तकनीक और अन्य आधुनिक दृश्य-श्रव्य प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा। इनके ज़रिये राम कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को एक अनूठा दिव्य अनुभव मिलेगा।
मंदिर परिसर के सभागार का निर्माण कब तक पूरा होगा?
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार सभागार के निर्माण में लगभग तीन से चार महीने की देरी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्य जनवरी या फरवरी तक पूरा हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले