राम मंदिर चंदा विवाद के बीच CM योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुँचेंगे, SIT जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून 2026 को अयोध्या का दौरा करेंगे — यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के कथित गबन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री का यह दौरा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती से जुड़े समारोहों के उपलक्ष्य में निर्धारित है।
दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम
महंत नृत्य गोपाल दास 27 जून को 88 वर्ष के होंगे। इस अवसर पर अयोध्या में एक भव्य आयोजन की तैयारी है, जिसमें आध्यात्मिक नेताओं का सम्मेलन और 10 दिवसीय श्री राम कथा शामिल है। 19 जून को श्री राम कथा के शुभारंभ के साथ ही समारोहों की शुरुआत होगी, और मुख्यमंत्री योगी उसी दिन अयोध्या पहुँचेंगे। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजे गए हैं, और कुछ खबरों के अनुसार कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी सहमति भी दे दी है।
चंदा विवाद और SIT जाँच
उत्तर प्रदेश सरकार ने राम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के कथित गायब होने के आरोपों की जाँच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर बनी इस SIT की अगुवाई लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, जिनके साथ पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन भी शामिल हैं। SIT को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जाँच दल मंदिर कर्मचारियों से पूछताछ कर रहा है और कथित वित्तीय अनियमितताओं की बारीकी से पड़ताल कर रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला पहले ही राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंदिर अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और चंदे की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी विवाद का राजनीतिक संवेदनशीलता की दृष्टि से विशेष महत्त्व होता है, और मुख्यमंत्री योगी के इस दौरे के दौरान दिए जाने वाले किसी भी बयान पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।
आगे क्या होगा
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। 19 जून को मुख्यमंत्री योगी की अयोध्या यात्रा के दौरान इस विवाद पर उनका रुख सामने आ सकता है। 27 जून को महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती के साथ आयोजित होने वाला सम्मेलन भी राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।