माधवपुर कृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम पुनर्विकास: ₹43.72 करोड़ से शुरू हुआ दूसरा चरण
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 8 जुलाई 2026 को पोरबंदर जिले के माधवपुर स्थित श्री कृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम के पुनर्विकास का दूसरा चरण औपचारिक रूप से प्रारंभ किया। इस चरण पर ₹43.72 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें ऐतिहासिक माधवरायजी मंदिर का जीर्णोद्धार, तीर्थयात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और समुद्र तटीय पर्यटन क्षेत्र का उन्नयन शामिल है। सरकार ने इस चरण को दो वर्षों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
परियोजना की पृष्ठभूमि और पहला चरण
यह परियोजना गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड के अधीन संचालित है। पहले चरण में ₹47.99 करोड़ की लागत से श्री रुक्मिणी माताजी मंदिर, विवाह के पवित्र मंडप चोरी मायरा, ब्रह्मकुंड और मुख्य प्रवेश द्वार का विकास एवं उद्घाटन किया जा चुका है। गौरतलब है कि माधवपुर को भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिससे यह स्थल देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
दूसरे चरण में क्या होगा
दूसरे चरण का सबसे बड़ा घटक माधवरायजी मंदिर का जीर्णोद्धार है, जिस पर ₹20.25 करोड़ खर्च किए जाएंगे। मंदिर के निकट 200 मीटर के समुद्र तट पर एक समर्पित पर्यटन क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें फूड कियोस्क, फूड कोर्ट, बैठने की व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे।
सालाना माधवपुर मेले और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए ₹5.31 करोड़ की लागत से बाहरी प्लाजा और पार्किंग सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ₹3.45 करोड़ की लागत से लैंडस्केपिंग, फव्वारे, सनातन संस्कृति को दर्शाने वाली मूर्तियाँ, साइनबोर्ड और सेल्फी पॉइंट भी स्थापित किए जाएंगे।
सड़क संपर्क और हेरिटेज सर्किट
सड़क एवं भवन विभाग स्थानीय कछुआ प्रजनन केंद्र को माधवरायजी मंदिर से जोड़ने वाली सड़क को नौ मीटर तक चौड़ा करेगा। राज्य सरकार के अनुसार, माधवपुर गाँव के एक किलोमीटर के दायरे में स्थित समस्त प्राचीन और धार्मिक स्थलों को एक एकीकृत हेरिटेज सर्किट से जोड़ा जाएगा, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक एक ही भ्रमण में सभी स्थलों का दर्शन कर सकें।
सरकार की प्रतिक्रिया और विजन
अधिकारियों ने कहा कि यह पुनर्विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' के विजन के अनुरूप है। उनके अनुसार, उन्नत तीर्थ स्थल से भक्तों की सुविधाओं में सुधार होगा, पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था का एक तेज़ी से बढ़ता हुआ क्षेत्र बन रहा है। माधवपुर मेला प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, और बेहतर बुनियादी ढाँचे से स्थानीय व्यापारियों, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पूर्ण होने पर यह स्थल गुजरात के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शुमार हो सकता है।