फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी: वांछित आरोपी रमेश गाजियाबाद से गिरफ्तार, 8 पहले ही जेल में
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के जारचा थाने की पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को फर्जी भूमि रजिस्ट्री के ज़रिए ₹3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित आरोपी को गाजियाबाद के शास्त्री नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश पुत्र गोपाल के रूप में हुई है, जो थाना कविनगर क्षेत्र, शास्त्री नगर, गाजियाबाद का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 55 वर्ष बताई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को पीड़ित की शिकायत पर थाना जारचा में मुकदमा संख्या 76/2026 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की सहायता से कार्रवाई करते हुए बुधवार को रमेश को गाजियाबाद के शास्त्री नगर से पकड़ा। इससे पहले इस गिरोह के आठ अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
कैसे होती थी ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रमेश अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ितों की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार करता था और संपत्ति की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। इस मामले में पीड़ित को ₹3 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना जारचा में फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी से जुड़े छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रमेश से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया और संभावित अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। सभी मामलों में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए संपत्ति ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों की भली-भाँति जांच कराएं और संदेह होने पर तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग से संपर्क करें। यह गिरफ्तारी ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।