8 जुलाई 2026
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फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी: वांछित आरोपी रमेश गाजियाबाद से गिरफ्तार, 8 पहले ही जेल में

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फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ की ठगी: वांछित आरोपी रमेश गाजियाबाद से गिरफ्तार, 8 पहले ही जेल में

सारांश

ग्रेटर नोएडा के जारचा थाने की पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री से ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के वांछित सदस्य रमेश को गाजियाबाद से दबोचा। गिरोह के 8 अन्य सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं और आरोपी पर 6 मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य बातें

जारचा पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को वांछित आरोपी रमेश पुत्र गोपाल को गाजियाबाद के शास्त्री नगर से गिरफ्तार किया।
आरोपी पर फर्जी भूमि रजिस्ट्री के ज़रिए पीड़ित को ₹3 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुँचाने का आरोप है।
इस गिरोह के 8 अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं; मुकदमा संख्या 76/2026 में कार्रवाई जारी है।
आरोपी रमेश के खिलाफ थाना जारचा में पहले से 6 मुकदमे दर्ज हैं।
सभी आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हो रही है।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के जारचा थाने की पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को फर्जी भूमि रजिस्ट्री के ज़रिए ₹3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित आरोपी को गाजियाबाद के शास्त्री नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश पुत्र गोपाल के रूप में हुई है, जो थाना कविनगर क्षेत्र, शास्त्री नगर, गाजियाबाद का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 55 वर्ष बताई गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को पीड़ित की शिकायत पर थाना जारचा में मुकदमा संख्या 76/2026 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की सहायता से कार्रवाई करते हुए बुधवार को रमेश को गाजियाबाद के शास्त्री नगर से पकड़ा। इससे पहले इस गिरोह के आठ अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।

कैसे होती थी ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रमेश अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ितों की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार करता था और संपत्ति की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। इस मामले में पीड़ित को ₹3 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुँचाया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना जारचा में फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी से जुड़े छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं।

आगे की जांच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रमेश से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया और संभावित अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। सभी मामलों में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की अपील

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए संपत्ति ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसके दस्तावेजों की भली-भाँति जांच कराएं और संदेह होने पर तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग से संपर्क करें। यह गिरफ्तारी ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि फर्जी रजिस्ट्री पंजीकरण विभाग की नज़र से कैसे बचती रही। जब तक दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार नहीं होते, ऐसे गिरोह नए रूप में उभरते रहेंगे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी रजिस्ट्री ठगी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
गाजियाबाद के शास्त्री नगर निवासी रमेश पुत्र गोपाल (लगभग 55 वर्ष) को 8 जुलाई 2026 को जारचा पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह मुकदमा संख्या 76/2026 में वांछित चल रहा था और उस पर फर्जी रजिस्ट्री के ज़रिए ₹3 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप है।
इस गिरोह ने ठगी किस तरह की?
आरोपियों ने पीड़ित की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर संपत्ति की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी की। फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए पीड़ित को ₹3 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुँचाया गया।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
रमेश की गिरफ्तारी से पहले इस गिरोह के 8 सदस्यों को जेल भेजा जा चुका था। रमेश की गिरफ्तारी के साथ अब कुल 9 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
यह मुकदमा कब और कहाँ दर्ज हुआ था?
पीड़ित की शिकायत के आधार पर 27 अप्रैल 2026 को थाना जारचा, गौतमबुद्ध नगर में मुकदमा संख्या 76/2026 दर्ज किया गया था।
संपत्ति खरीदते समय फर्जीवाड़े से कैसे बचें?
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसके सभी दस्तावेजों की अधिकृत एजेंसी से जांच कराएं। संदेह होने पर तत्काल स्थानीय पुलिस या संबंधित पंजीकरण विभाग से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
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