अहमदाबाद ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया: 1 घंटे में 3.61 लाख पौधे, मियावाकी तकनीक से नया इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 12 जुलाई 2026 को भाड़ज क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के तहत मात्र एक घंटे में 3.61 लाख पौधे रोपकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास के क्षेत्र में अहमदाबाद की वैश्विक पहचान स्थापित करती है।
अभियान का विवरण
भाड़ज में 91,006 वर्गमीटर क्षेत्र में आयोजित इस महाअभियान के दौरान 76,000 वर्गमीटर भूमि पर 35 से अधिक स्वदेशी प्रजातियों के पौधे मियावाकी तकनीक से लगाए गए। इस अभियान में 25,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिनमें एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र, सामाजिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक शामिल थे।
अभियान को सफल बनाने में AMC के विभिन्न विभागों के साथ-साथ बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS), क्रेडाई, पुलिस विभाग, शैक्षणिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
राजनीतिक संदर्भ और लक्ष्य
यह अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर के लोकसभा सांसद अमित शाह के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र को 'हरित लोकसभा क्षेत्र' बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस व्यापक अभियान के तहत गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1.25 करोड़ और AMC क्षेत्र में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शहरी विकास एवं आवास मंत्री, महापौर, मुख्य सचिव और नगर आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यावरणीय महत्व
अभियान में लगाए गए सभी पौधे स्थानीय और पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के हैं। ये पौधे आने वाले वर्षों में जैव विविधता को बढ़ावा देने, वायु प्रदूषण कम करने, कार्बन अवशोषण बढ़ाने और शहर के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक होंगे। गौरतलब है कि मियावाकी तकनीक जापानी वनस्पतिशास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित एक सघन वनरोपण पद्धति है, जिसमें पौधे परंपरागत तरीकों की तुलना में दस गुना तेज़ी से बढ़ते हैं।
AMC की प्रतिक्रिया
अहमदाबाद नगर निगम ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक विश्व रिकॉर्ड नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत शहरी विकास के प्रति शहर की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। निगम के अनुसार, इस पहल ने अहमदाबाद को हरित विकास के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है।
आगे की राह
इस रिकॉर्ड के साथ अहमदाबाद ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि 1.25 करोड़ पौधों के व्यापक लक्ष्य को किस गति से और किस गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाता है, तथा इन पौधों की दीर्घकालिक देखभाल की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।