मद संधू हत्याकांड: गुजरात एटीएस ने वापी से तीन और आरोपी दबोचे, पंजाब पुलिस को सौंपे
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और वलसाड स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर व मेकअप आर्टिस्ट मधु सुदन सिंह उर्फ मद संधू की हत्या के सिलसिले में तीन और संदिग्धों को 11 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरसिमरनजीत सिंह उर्फ सिमू सिंग्गा, फतेह सिंह और अरमान सिंह के रूप में की गई है — तीनों को गुजरात के वलसाड जिले के वापी से हिरासत में लिया गया।
हत्याकांड का मुख्य घटनाक्रम
मद संधू की 3 अक्टूबर 2026 को अमृतसर के लोराहका रोड पर एक कार वॉशिंग सेंटर के निकट गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को दो अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया था, जिसके बाद अमृतसर कैंटोनमेंट थाने में मामला दर्ज किया गया था। यह मामला पंजाब के सोशल मीडिया जगत में सनसनी फैला गया था, क्योंकि मद संधू का इन्फ्लुएंसर के रूप में बड़ा फॉलोअर बेस था।
जांच कैसे गुजरात तक पहुँची
पंजाब क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुजरात एटीएस को संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना दी, जिसके बाद राज्य में समन्वित जांच शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक के. सिद्धार्थ की निगरानी में उप पुलिस अधीक्षक हर्ष उपाध्याय और पुलिस निरीक्षक कृपेश पटेल ने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। जांच में पता चला कि तीनों आरोपी पंजाब के तरनतारन जिले के सदर थाना क्षेत्र के संगे गांव के निवासी हैं और वापी में छिपे हुए थे।
आरोपियों के फरार होने की आशंका को देखते हुए एटीएस ने उनकी पहचान व लोकेशन की जानकारी वलसाड एसओजी के साथ साझा की। इसके बाद पुलिस निरीक्षक डी.डी. परमार के नेतृत्व में एसओजी टीम ने वापी में तीनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ और पंजाब को सुपुर्दगी
एटीएस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान हत्या में तीनों की कथित भूमिका, वारदात से पूर्व की गई रेकी और मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी एकत्र की गई। 10 अक्टूबर को पंजाब पुलिस की एक टीम गुजरात एटीएस कार्यालय पहुँची और तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पंजाब रवाना हो गई। मामले की जांच अब पूरी तरह पंजाब पुलिस के पास है।
पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
इस हत्याकांड में 8 अक्टूबर को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने वडाज इलाके से परमिंदर प्रसाद उर्फ परमिंदर काका को गिरफ्तार किया था, जिसे मामले का कथित मुख्य शूटर बताया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, परमिंदर पर मद संधू पर गोली चलाने और हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की व्यवस्था करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस उसे अमृतसर ले गई थी।
गैंगस्टर कनेक्शन की जांच जारी
जांच एजेंसियां इस हत्या के कथित तौर पर विदेशी ठिकानों से सक्रिय गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के नेटवर्क से संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, आरोपियों की उक्त नेटवर्क से संलिप्तता की पुष्टि अभी जांच का हिस्सा है और कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि यह मामला पंजाब में गैंगस्टरों द्वारा सोशल मीडिया हस्तियों को निशाना बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पंजाब पुलिस की जांच से और तथ्य उजागर होने की उम्मीद है।